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टार्च की रोशनी में हुआ मरीज का ऑपरेशन
Varanasi
Updated Sat, 27 Sep 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में सोमवार को बिजली गुल होने के बाद चिकित्सकों को महिला का ऑपरेशन टार्च की रोशनी में करना पड़ा। अस्पताल की डायरेक्ट लाइन में पांडेयपुर के पास फाल्ट होने से आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं डीजल के अभाव में जेनरेटर भी नहीं चल सका। इस दौरान अस्पताल के कई वार्डों में अंधेरा छाया रहा। आपूर्ति न होने की दशा में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड भी प्रभावित हुआ।
अस्पताल में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए लेढूपुर उपकेंद्र से डायरेक्ट लाइन अस्पताल तक खींची गई थी। लेकिन आए दिन इस लाइन में फाल्ट की वजह से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं इन दिनों अस्पताल के पास बजट भी नहीं है जिसकी वजह से जेनरेटर भी नहीं चल पा रहा है। सोमवार सुबह दस बजे राजघाट निवासी रामा देवी(50) का पथरी का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए चिकित्सक उसे ओटी में ले गए। ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी इसी बीच लाइन में फाल्ट होने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई चिकित्सकों ने टार्च की रोशनी में महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद महिला को वार्ड नंबर चार के बेड नंबर 15 पर भर्ती किया गया है। इसके साथ ही हड्डी के ऑपरेशन के लिए पहुंचे करीब छह मरीजों को वापस भेज दिया गया। करीब पांच महीने पहले भी कुछ इसी तरह की परिस्थितियों में मरीज का ऑपरेशन टार्च की रोशनी में करना पड़ा था।
नहीं सुन रहा विद्युत विभाग
अस्पताल के एसआईसी शरद चंद मिश्र ने बताया कि अस्पताल में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग को हर महीने पांच लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बावजूद इसके यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। उपकेंद्र से खींची गई डायरेक्ट लाइन में आए दिन फाल्ट होता रहता है। इस समस्या को लेकर कई बार विभाग से शिकायत की गई हालात जस के तस बने हुए हैं।
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डायरेक्ट लाइन में फाल्ट की वजह से सोमवार को लगभग डेढ़ घंटे के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बजट की कमी के कारण जेनरेटर भी नहीं चलाया जा सका। कोई और विकल्प न होने पर चिकित्सकों को टार्च की रोशनी में ऑपरेशन करना पड़ा। - डॉ. शरद चंद मिश्र, प्रमुख अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल
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अस्पताल में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए लेढूपुर उपकेंद्र से डायरेक्ट लाइन अस्पताल तक खींची गई थी। लेकिन आए दिन इस लाइन में फाल्ट की वजह से इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। वहीं इन दिनों अस्पताल के पास बजट भी नहीं है जिसकी वजह से जेनरेटर भी नहीं चल पा रहा है। सोमवार सुबह दस बजे राजघाट निवासी रामा देवी(50) का पथरी का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए चिकित्सक उसे ओटी में ले गए। ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी इसी बीच लाइन में फाल्ट होने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद जब कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो पाई चिकित्सकों ने टार्च की रोशनी में महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद महिला को वार्ड नंबर चार के बेड नंबर 15 पर भर्ती किया गया है। इसके साथ ही हड्डी के ऑपरेशन के लिए पहुंचे करीब छह मरीजों को वापस भेज दिया गया। करीब पांच महीने पहले भी कुछ इसी तरह की परिस्थितियों में मरीज का ऑपरेशन टार्च की रोशनी में करना पड़ा था।
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नहीं सुन रहा विद्युत विभाग
अस्पताल के एसआईसी शरद चंद मिश्र ने बताया कि अस्पताल में चौबीस घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग को हर महीने पांच लाख रुपये का भुगतान किया जाता है। बावजूद इसके यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। उपकेंद्र से खींची गई डायरेक्ट लाइन में आए दिन फाल्ट होता रहता है। इस समस्या को लेकर कई बार विभाग से शिकायत की गई हालात जस के तस बने हुए हैं।
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डायरेक्ट लाइन में फाल्ट की वजह से सोमवार को लगभग डेढ़ घंटे के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। बजट की कमी के कारण जेनरेटर भी नहीं चलाया जा सका। कोई और विकल्प न होने पर चिकित्सकों को टार्च की रोशनी में ऑपरेशन करना पड़ा। - डॉ. शरद चंद मिश्र, प्रमुख अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल