{"_id":"140-138844","slug":"Varanasi-138844-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनारस में खुलेगा कौशल विकास केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में खुलेगा कौशल विकास केंद्र
Varanasi
Updated Tue, 02 Sep 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी। पीपीपी माडल के तहत इस केंद्र को विकसित किया जाएगा। इस केंद्र पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग से जुड़े श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जाएगा। सोमवार को कैंटोमेंट स्थित एक होटल में आयोजित औद्योगिक संगोष्ठी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने यह घोषणा की । बताया कि सेंटर के लिए स्थान के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। महीने भर में सारी आपैचारिकताएं पूरी हो जाने की संभावना है।
इंडो अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स और रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि श्री मिश्र ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर ताकतवर बनेगा तो देश का आर्थिक ढांचा भी मजबूत होगा। कहा कि एमएसएमई सेक्टर के संवर्धन के लिए सरकार भरपूर मदद देगी। मशीनों के अपग्रेडेशन के लिए कर्ज और रियायतें आसानी से मुहैया होंगी। गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने नेशनल स्माल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन (एनएसआईसी) की स्थापना की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। श्री मिश्र यहां बनारस के साड़ी उद्योग और भदोही के कालीन उद्योग के सामने आ रही दिक्कतों का जिक्र करना नहीं भूले। कहा कि बिजली, सड़क और कर प्रणाली को लेकर उनकी जो दिक्कतें हैं उसे लेकर भी केंद्र सरकार गंभीर है। इससे पहले रामनगर इंडस्ट्रियल एसो. के संरक्षक आरके चौधरी, अध्यक्ष- शेषपाल गर्ग, बनारस बीड्स के सीएमडी अशोक गुप्ता, वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्रीनारायण खेमका, आल इंडिया कारपेट मैन्यूफैक्चरर्स एसो. के अध्यक्ष रवि पटोदिया, यूपी कारपेट बाक्स मैन्यूफैक्चरर्स एसो. वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया आदि उद्यमियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की परेशानियों का जिक्र किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रमुख उद्यमी दीनानाथ झुनझुनवाला, स्वागत इंडो अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल और संचालन व्यापारी नेता संजीव सिंह बिल्लू ने किया।
विज्ञापन
इंडो अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स और रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि श्री मिश्र ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर ताकतवर बनेगा तो देश का आर्थिक ढांचा भी मजबूत होगा। कहा कि एमएसएमई सेक्टर के संवर्धन के लिए सरकार भरपूर मदद देगी। मशीनों के अपग्रेडेशन के लिए कर्ज और रियायतें आसानी से मुहैया होंगी। गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करने के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने नेशनल स्माल इंडस्ट्रीज कारपोरेशन (एनएसआईसी) की स्थापना की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाएगी। श्री मिश्र यहां बनारस के साड़ी उद्योग और भदोही के कालीन उद्योग के सामने आ रही दिक्कतों का जिक्र करना नहीं भूले। कहा कि बिजली, सड़क और कर प्रणाली को लेकर उनकी जो दिक्कतें हैं उसे लेकर भी केंद्र सरकार गंभीर है। इससे पहले रामनगर इंडस्ट्रियल एसो. के संरक्षक आरके चौधरी, अध्यक्ष- शेषपाल गर्ग, बनारस बीड्स के सीएमडी अशोक गुप्ता, वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्रीनारायण खेमका, आल इंडिया कारपेट मैन्यूफैक्चरर्स एसो. के अध्यक्ष रवि पटोदिया, यूपी कारपेट बाक्स मैन्यूफैक्चरर्स एसो. वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया आदि उद्यमियों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग की परेशानियों का जिक्र किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रमुख उद्यमी दीनानाथ झुनझुनवाला, स्वागत इंडो अमेरिकन चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल और संचालन व्यापारी नेता संजीव सिंह बिल्लू ने किया।
विज्ञापन