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गंगा और काशी से शुरू होगा मोदी के विकास का सपना

Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। ऐतिहासिक जीत के बाद शनिवार को पहली बार काशी पहुंचे नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा की आरती के बाद दशाश्वमेध घाट के पावन तीर्थ से देश को आर्थिक ऊंचाई पर ले जाने का ऐलान किया। कहा कि मैं सुधार का सपना काशी से शुरू करना चाहता हूं। भारत को जगदगुरु बनाने के लिए पहले काशी को राष्ट्र गुरू बनाना होगा। प्राचीन शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का जहां उन्होंने संदेश दिया, वहीं चुनाव में बहुमत दिलाने के लिए जनता का आभार भी जताया।
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पतित पावनी के तट पर मोदी काशी और गंगा के सवाल पर थोड़ा भावुक दिखे। कहा कि मेरा नसीब था कि गंगा की सेवा करने का मौका मिला। दुनिया हमें रोक नहीं सकती है। कहा, ‘मेरी भावना को राजनीति के तराजू में तौल कर नहीं समझा जा सकता है’, यहां आकर वैसा ही महसूस कर रहा हूं, जैसे कोई बच्चा अपनी मां की गोद में जाने के बाद अनुभूति करता है। मोदी ने कहा कि भारत जब आध्यात्मिक ऊंचाई पर पहुंचेगा तो देश का आर्थिक ढांचा भी मजबूत होगा और दुनिया में वैभव भी बढ़ेगा। इस शहर में रोजगार और पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बाबा विश्वनाथ, गंगा और गौतम बुद्ध की नगरी को नमन करते हुए मोदी ने कहा कि बनारस दुनिया भर में चमके यही मेरी कोशिश होगी। अपनी विरासत और परंपरा को सहेजने का जन-जन में सामर्थ्य है। उन्होंने लोकमान्य तिलक, वीर सावरकर के अलावा आजादी के क्रांतिवीरों का भी जिक्र किया। कहा कि पांच साल बाद 2019 में देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाएगा। मैं चाहता हूं कि तबतक काशी पूरी तरह स्वच्छ और सुंदर बन जाए। छोटे-छोटे काम से हमें बड़े काम की शुरुआत करनी होगी। हमें संकल्प लेना होगा कि काशी को गंदा नहीं होने देंगे।
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इससे पहले मोदी के स्वागत में काशी सड़कों पर जनता उमड़ पड़ी। विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट के करीब दो किमी दायरे में दोपहर बाद से ही तिल रखने की जगह नहीं थी। लोग घरों से बाहर निकल पड़े थे। घाट मार्ग को घेरकर छावनी में तब्दील कर दिया गया था। लोग करीब तीन घंटे तक उस एरिया में फंसे रहे। विश्वनाथ मंदिर से घाट तक हर-हर महादेव और मोदी-मोदी के उद्घोष गूंजते रहे। उत्साहित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई स्थानों पर लाठियां भी फटकारनी पड़ीं। पुलिस लाइन से जब उनका काफिला निकला तब अर्दली बाजार, कचहरी, वरुणा पुल , नदेसर, जगतगंज, लहुराबीर से मैदागिन, चौक तक जगह -जगह बाजेगाजे के साथ उनके स्वागत में खड़ी भीड़ झूमती-थिरकती रही।
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इनसेट
गठबंधन से विपक्ष बनाने की नौबत
वाराणसी लोस चुनाव में देश में मिले प्रचंड बहुमत पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब तक तो देश में सरकार बनाने के लिए गठबंधन करना पड़ता था लेकिन इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब गठबंधन से विपक्ष बनाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैं काशी के लोगों से मिल नहीं पाया। बात नहीं कह पाया फिर भी काशी ने मेरे मौन पर मुहर लगाई है। इसके लिए मैं आभारी हूं।


501 कमल के फूलों से बाबा की पूजा
वाराणसी। नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बाबा विश्वनाथ के दरबार में भारत के समग्र अभ्युदय का संकल्प लिया। उन्होंने 501 कमल के फूलों से बाबा का षोडशोपचार पूजन किया। दूध से अभिषेक के बाद सविधि पूजा की। इस दौरान विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी खुद मंत्रोच्चार कर रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और यूपी प्रभारी अमित शाह भी पूजा में शामिल हुए।
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