फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   चुनाव खत्म, शुरू हुआ बिजली का रोना

चुनाव खत्म, शुरू हुआ बिजली का रोना

Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Sun, 18 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी। चुनाव के चलते दो महीने तक बिजली की आपूर्ति सुखदायक रही लेकिन मतदान के बाद से ही आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। शुक्रवार से शहर में अंधाधुंध विद्युत कटौती हो रही है। जनता को अतिरिक्त बिजली देना तो दूर लखनऊ कंट्रोल अपने ही कटौती से शेड्यूल का पालन तक नहीं कर पा रहा है।
विज्ञापन

कंट्रोल ने नगरों को 20, कस्बों को 17 और ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल तय किया था। बनारस में कटौती का शेड्यूल दिन में दो से छह बजे तक निर्धारित था लेकिन चुनाव के दौरान इस पर अमल नहीं किया गया। जरूरत पड़ने पर दोपहर में बमुश्किलन एक या दो घंटे कटौती की जाती थी। बनारस में मतदान के अगले ही दिन से कटौती शुरू हो गई। कटौती के शेड्यूल के अलावा रात में भी कटौती की जाने लगी। शुक्रवार को तो हद हो गई शहर में नौ घंटे 25 मिनट से ज्यादा कटौती की गई। पांच चरण में इस तरह कटौती की गई कि लोग दिन में मतगणना नहीं देख पाए और रात को सो भी नहीं पाए।
विज्ञापन

चुनाव भर रात की कटौती से शहर को राहत दी गई थी लेकिन मतगणना के अगले ही दिन से सुबह आठ से 10 और रात में 10 से 12 बजे के बीच कटौती का शेड्यूल जारी किया गया है जो 31 मई तक प्रभावी होगा। शुक्रवार को यह शेड्यूल जारी किया गया और शनिवार को ही इस पर अमल करने के बजाय दिन में 12 से दो बजे के बीच कटौती की गई। पावर कारपोरेशन के एमडी एपी मिश्र का कहना है कि पिछले साल की तुलना में 28 फीसदी अतिरिक्त बिजली की खरीद का करार कंपनियों से किया गया था। मार्च और अप्रैल महीने में चुनाव और रबी की फसलों की तैयारी के लिए बिजली की जरूरतों को पूरा किया गया। अचानक मांग बढ़ने से कटौती करनी पड़ रही है, जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिजली पर भी राजनीतिक जुमले
वाराणसी। चुनाव के बाद बिजली गुल होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। महमूरगंज के अमित कुमार का कहना था कि सपा की हार के चलते ही दिन भर बिजली की कटौती की गई ताकि लोग टीवी न देख पाएं। हालांकि ऐसे लोगों की भी कमी नहीं जो इसे भाजपा की जीत का सबब मान रहे हैं।


चुनाव बीता, अब बदले जाएंगे तार, खंभे
वाराणसी। सेवापुरी के बरखी, मनियरीपुर, बरखूपुर में पिछले महीने बिजली का तार गिरने से कई एकड़ फसलें जल गईं थीं। पिछले दो महीनों में जिले में 10 से ज्यादा स्थानों पर तार गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। चुनाव आचार संहिता के चलते इस बार जर्जर तारों, पोल आदि के बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई थी। चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद प्रस्तावों की मंजूरी की आस बंध गई है।
मार्च महीने से पहले ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने से बिजली विभाग की तमाम जरूरी योजनाओं को मंजूरी नहीं मिल पाई है। गर्मियों में ट्रांसफार्मर तेजी से जलते हैं। उनकी जरूरत पूरी करने के लिए विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस साल मरम्मत करने वालों से नया अनुबंध नहीं हो पाया है।
वाराणसी जिले में पिछले साल 1632 जर्जर पोल बदले गए। पक्के महाल की पेचीदा गलियों और सारनाथ में कई पोल जर्जर हो गए हैं। उनको धीरे-धीरे बदला भी जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में काफी जर्जर पोल हैं। मुख्य अभियंता कार्यालय ने इस साल 22 सौ पोल बदलने की योजना बनाई है। इनमें से मछोदरी, सारनाथ और हुकुलगंज में 300 ऐसे खंभे बदले जाने हैं। इसके अलावा 1280 किलोमीटर जर्जर तार बदलने की तैयारी है। शहर की घनी बस्तियों और लाइनलास वाले इलाकों में 46 किलोमीटर एरियल बंच कंडक्टर लगाने की योजना है। इस कंडक्टर में कटियामारी करना संभव नहीं होता है। इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय में भेजा जाना था लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई।

मुख्य अभियंता एके पांडेय का कहना है कि तमाम इलाकों में तार पुराने हो गए हैं। पुराने होने के कारण गर्मियों में लोड बढ़ने पर तार जल्दी गर्म होकर पिघलने लगते हैं। बताया कि शहरी क्षेत्रों में पुराने तार काफी हद तक बदले जा चुके हैं और ग्रामीण इलाकों में भी धीरे-धीरे तार और जर्जर पोल बदले जा रहे हैं। इसका प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed