{"_id":"140-125753","slug":"Varanasi-125753-140","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुदूर इलाकों में टेली मेडिसिन से होगा इलाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुदूर इलाकों में टेली मेडिसिन से होगा इलाज
Varanasi
Updated Sat, 29 Mar 2014 05:31 AM IST
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वाराणसी। दुनिया का मशहूर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी के स्लोआन स्कूल आफ मैनेजमेंट का दल भारत में तीन अस्पतालों के प्रबंधन को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। बनारस में टीम जीएस मेमोरियल प्लास्टिक सर्जरी हास्पिटल के लिए टेलीमेडिसिन का प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है, जिसके शुरू होने पर बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाकों मरीजों को इलाज के लिए बार-बार वाराणसी की दौड़ नहीं लगानी होगी।
एमआईटी की सीनियर लेक्चरर जेनेट एमजी विलकिंसन के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम जीएस मेमोरियल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थितियों का अध्ययन कर रही है। इसके साथ टेली मेडिसिन के प्रति उनके रुझान की पड़ताल की जा रही है। आस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म स्माइल पिंकी से ख्याति अर्जित करने वाले प्लास्टिक सर्जन डा. सुबोध सिंह ने बताया कि जले और कटे तालु-होठ के मरीज का मुफ्त आपरेशन तो हो जाता है लेकिन स्पिच थेरेपी आदि के लिए वे बार-बार आ नहीं पाते हैं। इसके लिए एमआईटी की टीम प्रोजेक्ट तैयार कर रही है ताकि इसे बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। विलकिंसन ने बताया कि उनका संस्थान हैदराबाद के एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट और कर्नाटक के तुमकुर स्थित इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक हेल्थ को अस्पताल के बेहतर संचालन और मरीजों के प्रबंधन की तकनीक सिखा रहा है।
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एमआईटी की सीनियर लेक्चरर जेनेट एमजी विलकिंसन के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम जीएस मेमोरियल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के सामाजिक एवं आर्थिक स्थितियों का अध्ययन कर रही है। इसके साथ टेली मेडिसिन के प्रति उनके रुझान की पड़ताल की जा रही है। आस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म स्माइल पिंकी से ख्याति अर्जित करने वाले प्लास्टिक सर्जन डा. सुबोध सिंह ने बताया कि जले और कटे तालु-होठ के मरीज का मुफ्त आपरेशन तो हो जाता है लेकिन स्पिच थेरेपी आदि के लिए वे बार-बार आ नहीं पाते हैं। इसके लिए एमआईटी की टीम प्रोजेक्ट तैयार कर रही है ताकि इसे बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। विलकिंसन ने बताया कि उनका संस्थान हैदराबाद के एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट और कर्नाटक के तुमकुर स्थित इंस्टीट्यूट आफ पब्लिक हेल्थ को अस्पताल के बेहतर संचालन और मरीजों के प्रबंधन की तकनीक सिखा रहा है।
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