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कबीर माला प्रकरण सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा
Varanasi
Updated Fri, 03 Jan 2014 05:46 AM IST
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वाराणसी। कबीर माला प्रकरण में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (नवम) की अदालत में जमानत अर्जी खारिज होने के बाद यह प्रकरण गुरुवार को प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंचा। अदालत ने जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल होने के बाद उस पर सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को आरोपी फ्रुक बोनटिरीनान, केरातीपट ताला भट्ट और पट्टारावत समेत तीनों थाई नागरिकों की जमानत के लिए प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तिथि निर्धारित की है। तर्क दिया था कि अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने अभी तक कोई साक्ष्य संकलित नही किया है। आरोपियों द्वारा किसी प्रकार की धोखाधड़ी और जालसाजी नहीं की गई है। अभियुक्त थाईलैंड के नागरिक हैं। इसमें मठ प्रबंधन का विवाद भी सामने आया है। अधिवक्ता मोहम्मद यासीन ने बताया कि गिरफ्तार दो अभियुक्तों के परिवार के सदस्य उनके मुकदमों की जानकारी के लिए भी शहर में आए हैं। बता दें कि 30 नवंबर को कबीरचौरा स्थित मूलगादी मठ से कबीरदास की ऐतिहासिक माला झांसा देकर चुरा ली गई। इस मामले में तीनों अभियुक्तों को पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया था।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को आरोपी फ्रुक बोनटिरीनान, केरातीपट ताला भट्ट और पट्टारावत समेत तीनों थाई नागरिकों की जमानत के लिए प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तिथि निर्धारित की है। तर्क दिया था कि अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने अभी तक कोई साक्ष्य संकलित नही किया है। आरोपियों द्वारा किसी प्रकार की धोखाधड़ी और जालसाजी नहीं की गई है। अभियुक्त थाईलैंड के नागरिक हैं। इसमें मठ प्रबंधन का विवाद भी सामने आया है। अधिवक्ता मोहम्मद यासीन ने बताया कि गिरफ्तार दो अभियुक्तों के परिवार के सदस्य उनके मुकदमों की जानकारी के लिए भी शहर में आए हैं। बता दें कि 30 नवंबर को कबीरचौरा स्थित मूलगादी मठ से कबीरदास की ऐतिहासिक माला झांसा देकर चुरा ली गई। इस मामले में तीनों अभियुक्तों को पुलिस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया था।
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