फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   जेएनएनयूआरएम के कार्यों की जांच होगी

जेएनएनयूआरएम के कार्यों की जांच होगी

Wed, 27 Nov 2013 05:43 AM IST
Varanasi
Varanasi Updated Wed, 27 Nov 2013 05:43 AM IST
विज्ञापन
वाराणसी। नगर निगम के 2013-14 के पुनरीक्षित बजट पर विचार-विमर्श के लिए मंगलवार को बुलाई गई मिनी सदन की बैठक में जेएनएनयूआरएम के तहत स्वीकृत सीवर, ड्रेनेज व जलापूर्ति की योजनाओं में अब तक कराए गए कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि जांच के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। निजी एजेंसी एटूजेड को घरों से कूड़ा एकत्र करने के बदले यूजर चार्ज के रूप में भवन स्वामियों से एक-एक रुपये प्रतिदिन वसूलने के प्रस्ताव पर मुहर भी लगा दी गई।
विज्ञापन

बैठक में बताया गया कि एटूजेड यूजर चार्ज के रूप में आवासीय व व्यावसायिक भवनों से कूड़ा एकत्र करने के बदले जो धनराशि वसूल करेगी, वह एजेंसी नगर निगम के खाते में जमा करेगी। एक सदस्य ने राजनीतिक दलों व अन्य संस्थाओं से प्रचार - प्रसार के लिए जगह-जगह बैनर व पोस्टर लगाने के बदले विज्ञापन के मद में शुल्क वसूलने का प्रस्ताव भी रखा लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया। सदन में सभी पार्षदों को निगम की तरफ से सीयूजी मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में 80 प्रतिशत से अधिक विकलांग लोगों को गृहकर में शत-प्रतिशत छूट देने का निर्णय भी लिया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में तय किया गया कि जिन लोगों के नाम से शहर में एक मकान है, उन्हें शासनादेश के अनुरूप गृहकर में छूट दी जाएगी। बैठक के दौरान पार्षदों के बीच सदन में कई बार तीखी बहस भी हुई।
विज्ञापन

महापौर रामगोपाल मोहले की अध्यक्षता में हुई मिनी सदन की बैठक में पार्षदों ने जेएनएनयूआरएम के तहत स्वीकृत योजनाओं में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा शहर में मनमाने तरीके से खुदाई कर कार्य कराने का आरोप लगाया और इस पर चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। सदस्यों का कहना था कि जेएनएनयूआरएम के तहत सीवर, ड्रेनेज, जलापूर्ति की योजनाओं में जो भी कार्य हो रहे हैं, उनकी मानिटरिंग नहीं हो रही है, जबकि जो धनराशि खर्च हो रही है उसमें केंद्र 50 प्रतिशत, राज्य सरकार 20 प्रतिशत और नगर निगम 30 प्रतिशत हिस्सा वहन कर रहा है। इस पर सदन में जेएनएनयूआरएम के तहत 2005 से लेकर 2013 में अब तक हुए कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि जांच के लिए 11 सदस्यीय समिति गठित होगी। बैठक में निरीक्षकों को गृहकर वसूली के लिए फिर से टास्क फोर्स का गठन करने, निरीक्षकों को रसीद के साथ घर-घर भेजने की प्रक्रिया शुरू करने के अलावा वार्ड वार शिविर लगाने का निर्णय लिया गया। नगर आयुक्त से शिविर लगाने से पहले प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया ताकि भवनों के गृहकर निर्धारण व वसूली में पारदर्शिता बनी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed