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खींचतान से बाबा की सप्तऋषि आरती में आधा घंटा विलंब
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वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर में शाम के समय होने वाली बाबा की सप्तऋषि आरती करने को लेकर मंदिर प्रशासन और महंत परिवार के बीच ठन गई। इससे शाम की आरती आधे घंटे लेट हुई जो चर्चा का विषय बना रहा।
काशी विश्वनाथ मंदिर में पांच आरती होती है। इनमें से एक आरती महंत परिवार की है, जिसकी राग भोग सेवा महंत शशिभूषण त्रिपाठी के परिवार द्वारा कराई जाती है। इसे लेकर मंदिर प्रशासन ने मंदिर के बाहर नोटिस लगाया था, जिसमें कहा था कि परंपरागत लोग ही सप्त ऋषि आरती करेंगे। बुधवार को गर्भ गृह में आरती के लिए जब महंत परिवार मंदिर की सफाई करने के लिए पहुंचा तो मंदिर के अधिकारियों ने परिवार के अन्य सदस्यों के आरती के समय प्रवेश पर रोक लगा दी। इसको लेकर महंत का परिवार नाराज हो गया औैर करीब आधे घंटे तक जद्दोजहद चलती रही। अंत में 7 बजे होने वाली आरती 7.30 बजे शुरू हो सकी। महंत परिवार का आरोप था कि मंदिर प्रशासन परंपरा को ही बदलने जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना था की अगर आज यह परिवार आरती नहीं करेगा तो अपने अर्चकों से शप्तऋषि आरती करवाएंगे।
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काशी विश्वनाथ मंदिर में पांच आरती होती है। इनमें से एक आरती महंत परिवार की है, जिसकी राग भोग सेवा महंत शशिभूषण त्रिपाठी के परिवार द्वारा कराई जाती है। इसे लेकर मंदिर प्रशासन ने मंदिर के बाहर नोटिस लगाया था, जिसमें कहा था कि परंपरागत लोग ही सप्त ऋषि आरती करेंगे। बुधवार को गर्भ गृह में आरती के लिए जब महंत परिवार मंदिर की सफाई करने के लिए पहुंचा तो मंदिर के अधिकारियों ने परिवार के अन्य सदस्यों के आरती के समय प्रवेश पर रोक लगा दी। इसको लेकर महंत का परिवार नाराज हो गया औैर करीब आधे घंटे तक जद्दोजहद चलती रही। अंत में 7 बजे होने वाली आरती 7.30 बजे शुरू हो सकी। महंत परिवार का आरोप था कि मंदिर प्रशासन परंपरा को ही बदलने जा रहा है, जबकि मंदिर प्रशासन का कहना था की अगर आज यह परिवार आरती नहीं करेगा तो अपने अर्चकों से शप्तऋषि आरती करवाएंगे।
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