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पहली बार काशी में आयोजित हो रहा धर्म संसद 1008
Updated Sun, 11 Nov 2018 01:57 AM IST
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वाराणसी। काशी के सीर गोबर्धन में पहली बार धर्म संसद 1008 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सनातन धर्म और समाज को लेकर चर्चा की जाएगी। 25 से 27 तक चलने वाले इस धर्म संसद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें धर्माचार्य, विद्वान, नेता और आम जनता भी मौजूद रहेगी। शाम के समय संत और विद्वान प्रवचन देंगे। यह जानकारी श्रीविद्या मठ के स्वामी स्वरूपानन्द ने शनिवार की शाम को केदार घाट पर आयोजित पत्रकारवार्ता में दी। इस दौरान धर्म संसद के भवन का मॉडल भी प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के विचार और उसमें व्याप्त विषमताओं को लेकर संतों महात्माओं की एक चर्चा परिचर्चा है। अब तक यह आयोजन राजनीतिक दलों से प्रेरित होकर कथित तौर पर होता रहा है, लेकिन इस बार यह आयोजन भव्य रूप से होगा। इस संसद का धर्म, जाति और मजहब से कोई लेना देना नहीं होगा। इस धर्मसंसद की कार्यवाही सुबह 9 से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिसके बाद 4 से 6 बजे तक शंकराचार्य सहित विद्वानों का उद्बोधन होगा। इस कार्यक्रम में शारदा एवं ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती भी रहेंगे। इसकी शुरूआत 11 नवंबर को दायित्व ग्रहण कार्यक्रम से शुरू होकर प्रदेश यात्राओं का प्रस्थान, निबंध प्रतियोगिता और 36 राज्यों में धर्मसंसद सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी।
इतने लोग होंगे शामिल
इस धर्मसंसद 1008 में 543 संसदीय क्षेत्रों से प्रतिनिधि, 170 संत विद्वान, 99 देशों से धर्मप्रतिनिधि, 8 अन्यधर्मांसद, 108 धर्माचार्य व संस्थाप्रतिनिधि, 36 धर्मसेवा प्रमुख, प्रभारी व संयोजक के साथ 36 राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
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उन्होंने बताया कि सनातन धर्म के विचार और उसमें व्याप्त विषमताओं को लेकर संतों महात्माओं की एक चर्चा परिचर्चा है। अब तक यह आयोजन राजनीतिक दलों से प्रेरित होकर कथित तौर पर होता रहा है, लेकिन इस बार यह आयोजन भव्य रूप से होगा। इस संसद का धर्म, जाति और मजहब से कोई लेना देना नहीं होगा। इस धर्मसंसद की कार्यवाही सुबह 9 से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिसके बाद 4 से 6 बजे तक शंकराचार्य सहित विद्वानों का उद्बोधन होगा। इस कार्यक्रम में शारदा एवं ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती भी रहेंगे। इसकी शुरूआत 11 नवंबर को दायित्व ग्रहण कार्यक्रम से शुरू होकर प्रदेश यात्राओं का प्रस्थान, निबंध प्रतियोगिता और 36 राज्यों में धर्मसंसद सदस्यों के नामों की घोषणा की जाएगी।
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इतने लोग होंगे शामिल
इस धर्मसंसद 1008 में 543 संसदीय क्षेत्रों से प्रतिनिधि, 170 संत विद्वान, 99 देशों से धर्मप्रतिनिधि, 8 अन्यधर्मांसद, 108 धर्माचार्य व संस्थाप्रतिनिधि, 36 धर्मसेवा प्रमुख, प्रभारी व संयोजक के साथ 36 राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
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