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मुकदमा वापस लेने के लिए फोन कर दे रहे धमकी
Updated Thu, 17 May 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालकों के खिलाफ सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कराने वाले छात्र-छात्राओं को शिकायत वापस लेने के लिए अब नेताओं के नाम पर फोन कर धमकाया जा रहा है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि फोन करने वाले उन्हें प्रदेश के सत्ताधारी दल के नेताओं से संबंधों का हवाला देकर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। बात ना मानने पर अंजाम भुगतने की बात कही जा रही है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि कार्यालय बंद कर अहम दस्तावेज लेकर भाग जाने वाले आरोपियों को पुलिस हरसंभव तरीके से सिर्फ बचाने की कोशिश में जुटी है। इसी का नतीजा है आरोपी अब उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमका रहे हैं।
स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यशार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ 28 अप्रैल को सिगरा थाने में धोखाधड़ी, छल, जान से मारने की धमकी देने और यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीडि़त छात्र-छात्राओं के अनुसार बीते 19 दिन में सिगरा पुलिस कछुआ की चाल से मुकदमे की तफ्तीश कर रही है। पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण ही आरोपी स्कूल का कार्यालय खाली करने के बाद शहर छोड़ कर भागने में सफल रहे।
हालत यह है कि महमूरगंज स्थित जिस मकान के प्रथम तल पर स्कूल संचालित हो रहा था वहां की पूरी सूरत ही बदल गई है। अब कोई जाएगा भी तो उसे यह पता ही नहीं चल पाएगा कि कभी उसी मकान में स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग संचालित होता था। उधर, दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में मंगलवार को सिगरा पुलिस ने दो छात्राओं को न्यायालय ले जाकर कलमबंद बयान दर्ज कराया। वहीं, तीन छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार का समय नियत किया गया है। पीडि़त छात्राओं ने कहा कि दर्ज मुकदमे की तफ्तीश के प्रति सिगरा पुलिस का रुख बेहद ही लचर है। कलमबंद बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक बार फिर सभी आईजी रेंज से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई की गुहार लगाएंगी।
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स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यशार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ 28 अप्रैल को सिगरा थाने में धोखाधड़ी, छल, जान से मारने की धमकी देने और यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया था। पीडि़त छात्र-छात्राओं के अनुसार बीते 19 दिन में सिगरा पुलिस कछुआ की चाल से मुकदमे की तफ्तीश कर रही है। पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण ही आरोपी स्कूल का कार्यालय खाली करने के बाद शहर छोड़ कर भागने में सफल रहे।
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हालत यह है कि महमूरगंज स्थित जिस मकान के प्रथम तल पर स्कूल संचालित हो रहा था वहां की पूरी सूरत ही बदल गई है। अब कोई जाएगा भी तो उसे यह पता ही नहीं चल पाएगा कि कभी उसी मकान में स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग संचालित होता था। उधर, दर्ज मुकदमे की विवेचना के क्रम में मंगलवार को सिगरा पुलिस ने दो छात्राओं को न्यायालय ले जाकर कलमबंद बयान दर्ज कराया। वहीं, तीन छात्राओं को बयान दर्ज कराने के लिए गुरुवार का समय नियत किया गया है। पीडि़त छात्राओं ने कहा कि दर्ज मुकदमे की तफ्तीश के प्रति सिगरा पुलिस का रुख बेहद ही लचर है। कलमबंद बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक बार फिर सभी आईजी रेंज से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई की गुहार लगाएंगी।
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