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आईआईटीयंस तैयार करेंगे गंगा सफाई की तकनीक0
Updated Sat, 07 Apr 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जल प्रबंधन और जल संरक्षण पर कराए गए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की तर्ज पर अब आईआईटी में भी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के तहत इनोवेशन पर मंथन की तैयारी है। इसके जरिए देश भर के आईआईटी से चुनिंदा छात्रों को एक मंच पर लाकर गंगा सफाई, जल संरक्षण और भीड़ नियंत्रण आदि की तकनीक पर सॉफ्टवेयर एवं ऐप तैयार कराए जाएंगे। आईआईटी बीएचयू में 31 मार्च को हुई निदेशकों की बैठक में इसकी रूपरेखा पर चर्चा हो चुकी है। जल्द ही प्रस्ताव मंत्रालय भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि जब सभी आईआईटी इसके लिए साथ आगे आएंगे तो इस दिशा मेें नई तकनीक विकसित हो सकेगी।
बता दें कि गंगा को स्वच्छ करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नमामि गंगे परियोजना चलाई जा रही है। हालांकि इसमें खास सफलता नहीं मिल पाने पर तकनीक का सहारा लेने की योजना बनाई गई है। केंद्र सरकार ने इसकी जिम्मेदारी आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल को सौंपी है। प्रो. संगल मानते हैं कि निदेशकों के साथ चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि आईआईटी बीएचयू में आयोजित हैकाथॉन में भी जल प्रबंधन, जल संरक्षण आदि पर कई नए प्रोजेक्ट आए थे।
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बता दें कि गंगा को स्वच्छ करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नमामि गंगे परियोजना चलाई जा रही है। हालांकि इसमें खास सफलता नहीं मिल पाने पर तकनीक का सहारा लेने की योजना बनाई गई है। केंद्र सरकार ने इसकी जिम्मेदारी आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल को सौंपी है। प्रो. संगल मानते हैं कि निदेशकों के साथ चर्चा के बाद आगे की कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि आईआईटी बीएचयू में आयोजित हैकाथॉन में भी जल प्रबंधन, जल संरक्षण आदि पर कई नए प्रोजेक्ट आए थे।
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