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आरएस के पैरवीकारों के लिए सख्त संदेश
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:57 AM IST
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वाराणसी। वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी के बाद परिवहन महकमे में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को हुई समीक्षा बैठक में भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव का नाम लेकर मुख्यमंत्री ने उसकी पैरवी करने वाले जन प्रतिनिधियों और अफसरों को कड़ा संदेश दिया था। परिवहन अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि वसूली बंद करें नहीं तो आरएस यादव जैसा हाल करूंगा।
दरअसल, करीब दो महीने से शासन में आरएस यादव के मामले में नरमी बरतने के लिए कुछ जनप्रतिनिधि और अफसर लॉबिंग कर रहे हैं। अफसरों पर दबाव डालकर जांच प्रभावित कराने का प्रयास भी किया गया। ये सभी जानकारियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थीं। सख्त लहजे में सीएम की चेतावनी को परिवहन विभाग के कामकाज में सुधार के साथ ही आरएस के पैरवीकारों के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।
आरएस यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार और आय से अधिक मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के मामले में जो आरोप पत्र दाखिल किया था, उसमें अरबों की संपत्ति का कोई जिक्र नहीं था। हाईकोर्ट को इस पर टिप्पणी करनी पड़ी, जिसके बाद शासन हरकत में आया। वहीं, तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद परिवहन विभाग फिर अपने पुराने ढर्रे पर लौटने लगा था। ओवरलोड वाहनों के संचालन से लेकर चेकिंग के नाम पर वसूली तक, सब कुछ खुलेआम होने लगा था। सीएम ने समीक्षा बैठक में यह भी जिक्र किया था कि हरियाणा के लोग उनको फोन करते हैं और बताते हैं कि कागजात होने के बाद भी उनके ट्रकों से वाराणसी में वसूली होती है।
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दरअसल, करीब दो महीने से शासन में आरएस यादव के मामले में नरमी बरतने के लिए कुछ जनप्रतिनिधि और अफसर लॉबिंग कर रहे हैं। अफसरों पर दबाव डालकर जांच प्रभावित कराने का प्रयास भी किया गया। ये सभी जानकारियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थीं। सख्त लहजे में सीएम की चेतावनी को परिवहन विभाग के कामकाज में सुधार के साथ ही आरएस के पैरवीकारों के लिए भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।
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आरएस यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार और आय से अधिक मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के मामले में जो आरोप पत्र दाखिल किया था, उसमें अरबों की संपत्ति का कोई जिक्र नहीं था। हाईकोर्ट को इस पर टिप्पणी करनी पड़ी, जिसके बाद शासन हरकत में आया। वहीं, तमाम दिशा-निर्देशों के बावजूद परिवहन विभाग फिर अपने पुराने ढर्रे पर लौटने लगा था। ओवरलोड वाहनों के संचालन से लेकर चेकिंग के नाम पर वसूली तक, सब कुछ खुलेआम होने लगा था। सीएम ने समीक्षा बैठक में यह भी जिक्र किया था कि हरियाणा के लोग उनको फोन करते हैं और बताते हैं कि कागजात होने के बाद भी उनके ट्रकों से वाराणसी में वसूली होती है।
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