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18 घंटे बाद भी नहीं पहुंची शिवगंगा
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:13 AM IST
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वाराणसी। शीतलहर और कोहरे से रेल परिचालन पर व्यापक असर पड़ा है। गुरुवार की सुबह 7:30 बजे नई दिल्ली से वाराणसी पहुंचने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 18 घंटे बाद भी रास्ते में फंसी रही। रात साढ़े आठ बजे इसके कानपुर स्टेशन पर होने की सूचना थी। इसके चलते गुरुवार की शाम 7:35 बजे वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस को भोर में 3:30 बजे री-शिड्यूल करना पड़ा लेकिन नई दिल्ली से आ रही शिवगंगा के कानपुर से वाराणसी भोर में पांच बजे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी। शाम से ही ट्रेन के इंतजार में मंडुवाडीह स्टेशन पहुंचे यात्रियों को पूरी रात प्लेटफार्म और यात्री हाल में ठिठुरते हुए गुजारनी पड़ी। लंबी दूरी की कई अन्य ट्रेनें भी घंटों विलंब से आईं। कोहरे से लेटलतीफी के चलते कई ट्रेनें निरस्त की गईं।
नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी 20 घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। वहीं, बुधवार की रात रवाना होने वाली मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट गुरुवार की सुबह 11 बजे रवाना हो पाई। वहीं, बापू धाम एक्सप्रेस आठ घंटा, धनबाद से फिरोजपुर छह घंटा, वाराणसी आने वाली मरुधर एक्सप्रेस आठ घंटे, कोटा-पटना 12 घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस सात घंटे, जम्मू-कोलकाता नौ घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। साबरमती चार घंटे, बेगमपुरा एक्सप्रेस चार घंटे, सिंगरौली से वाराणसी इंटरसिटी पांच घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। जबकि, लिच्छवी एक्सप्रेस, हरिहरनाथ एक्सप्रेस, देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस, फरक्का डाउन, अमृतसर से हावड़ा पंजाब मेल गुरुवार को निरस्त रही। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कैंट रेलवे स्टेशन हो या मंडुवाडीह, ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्मों पर यात्रियों को ठिठुरना पड़ रहा है।
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नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी 20 घंटे से अधिक देरी से चल रही थी। वहीं, बुधवार की रात रवाना होने वाली मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट गुरुवार की सुबह 11 बजे रवाना हो पाई। वहीं, बापू धाम एक्सप्रेस आठ घंटा, धनबाद से फिरोजपुर छह घंटा, वाराणसी आने वाली मरुधर एक्सप्रेस आठ घंटे, कोटा-पटना 12 घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस सात घंटे, जम्मू-कोलकाता नौ घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। साबरमती चार घंटे, बेगमपुरा एक्सप्रेस चार घंटे, सिंगरौली से वाराणसी इंटरसिटी पांच घंटे देरी से वाराणसी पहुंची। जबकि, लिच्छवी एक्सप्रेस, हरिहरनाथ एक्सप्रेस, देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस, फरक्का डाउन, अमृतसर से हावड़ा पंजाब मेल गुरुवार को निरस्त रही। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कैंट रेलवे स्टेशन हो या मंडुवाडीह, ट्रेनों के इंतजार में प्लेटफार्मों पर यात्रियों को ठिठुरना पड़ रहा है।
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