Varanasi: 13 दिन में सात लाख लोगों की जांच में मिले 88 नए टीबी मरीज, सीएमओ बोले- इलाज से हो जाएंगे ठीक
वाराणसी जिले में क्षय रोगियों को खोजने के लिए 20 फरवरी से 4 मार्च तक चलाए गए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान (एसीएफ) में सात लाख लोगों की संबंधित जांच की गई। बलगम जांच और एक्सरे के बाद 88 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है।
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वाराणसी जिले में क्षय रोगियों को खोजने के लिए 20 फरवरी से 4 मार्च तक चलाए गए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान (एसीएफ) में सात लाख लोगों की संबंधित जांच की गई। इसमें 1890 लोगों में टीबी के संभावित लक्षण मिले। बलगम जांच और एक्सरे के बाद 88 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी 88 मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अगर टीबी की पहचान शुरुआती दिनों में हो जाए तो मरीज छह माह के लगातार इलाज से ठीक हो जाता है। इलाज अधूरा छोड़ने पर यह बीमारी बढ़ने लगती है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीयूष राय ने बताया कि सदस्यों ने घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों के आधार पर मरीजों को खोजा। जिले में इस समय 6273 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है जिसमें से 588 एमडीआर रोगी हैं।
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन अध्यक्ष ने 75 मरीजों को लिया गोद
जिले में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जागरूकता का असर दिखने लगा है। वाराणसी पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने 75 टीबी मरीजों को गोद लिया है। बताया कि सभी मरीजों को उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से तैयार पोषण पोटली प्रदान की जाएगी। छह महीने तक विशेष मुहिम चलाया जाएगा। महीने में एक बार एसोसिएशन का एक डीलर जाकर मरीजों से मिलेगा। मरीज का मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा, जिससे कि समय-समय पर उनके सेहत की जानकारी मिलती रहे।