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ओएचई की चपेट में आया फ्यूल खलासी, मौत, दो लोग सस्पेंड
Updated Sat, 17 Nov 2018 02:03 AM IST
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वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन के ऑयल साइडिंग में खड़े डीजल टैंकर पर तेल का लेवल नापने चढ़ा एक रेलकर्मी ओएचई की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। रेलवे के बिजली विभाग की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। इस मामले में एक जेई और फिटर को सस्पेंड करने के बाद संयुक्त जांच के आदेश दिए गए हैं। देर शाम तक उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के कई अधिकारी वाराणसी पहुंच गए।
गूलर यार्ड की तरफ स्थित साइडिंग में डीजल से भरे कई टैंकर खड़े हैं। यहीं पर रेल इंजनों में फ्यूल भरा जाता है। सुबह 10:15 बजे फ्यूल खलासी (आरडीआई), रांची निवासी सुनील कुमार परधिया (53) एक टैंकर पर तेल का लेवल नापने के लिए चढ़ा। इसी दौरान ओएचई की चपेट में आ गया। एक बार झटका लगने के बाद टैंकर पर गिरा और उठकर संभल ही रहा था कि दोबारा हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया और नीचे गिर गया।
उसे आनन-फानन में कर्मचारी रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दरअसल टैंकर के ऊपर लगे ओएचई तार को निष्क्रिय कर दिया गया था पर उसमें अचानक करेंट आ गया। माना जा रहा है कि दो दिन पहले डीरेका के कनवर्टेड लोको के ट्रायल के दौरान विभागीय लापरवाही हुई। कर्मचारी हमेशा की तरह निश्चिंतता के साथ ऊपर चढ़ा और ओएचई से करंट लग गया। इसको लेकर रेल कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है। वहीं, इस मामले में प्रथम दृष्टया जेई साहब सिंह मीना और फिटर रमेश यादव की गलती मिलने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। वहीं संयुक्त जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एडीआरएम वाराणसी रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि फिलहाल जेई को निलंबित कर दिया गया है। ज्वाइंट रिपोर्ट आ जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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‘ स्थानीय स्तर पर आरपीएफ, मेकैनिकल और इलेक्ट्रिकल की संयुक्त टीम जांच करेगी। सीनियर डीईई, डीआरटी और सीनियर डीएमई इसकी मानीटरिंग करेंगे।’ - सतीश कुमार, डीआरएम लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे
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गूलर यार्ड की तरफ स्थित साइडिंग में डीजल से भरे कई टैंकर खड़े हैं। यहीं पर रेल इंजनों में फ्यूल भरा जाता है। सुबह 10:15 बजे फ्यूल खलासी (आरडीआई), रांची निवासी सुनील कुमार परधिया (53) एक टैंकर पर तेल का लेवल नापने के लिए चढ़ा। इसी दौरान ओएचई की चपेट में आ गया। एक बार झटका लगने के बाद टैंकर पर गिरा और उठकर संभल ही रहा था कि दोबारा हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया और नीचे गिर गया।
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उसे आनन-फानन में कर्मचारी रेलवे के मंडलीय अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दरअसल टैंकर के ऊपर लगे ओएचई तार को निष्क्रिय कर दिया गया था पर उसमें अचानक करेंट आ गया। माना जा रहा है कि दो दिन पहले डीरेका के कनवर्टेड लोको के ट्रायल के दौरान विभागीय लापरवाही हुई। कर्मचारी हमेशा की तरह निश्चिंतता के साथ ऊपर चढ़ा और ओएचई से करंट लग गया। इसको लेकर रेल कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है। वहीं, इस मामले में प्रथम दृष्टया जेई साहब सिंह मीना और फिटर रमेश यादव की गलती मिलने पर उसे निलंबित कर दिया गया है। वहीं संयुक्त जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एडीआरएम वाराणसी रवि प्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि फिलहाल जेई को निलंबित कर दिया गया है। ज्वाइंट रिपोर्ट आ जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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‘ स्थानीय स्तर पर आरपीएफ, मेकैनिकल और इलेक्ट्रिकल की संयुक्त टीम जांच करेगी। सीनियर डीईई, डीआरटी और सीनियर डीएमई इसकी मानीटरिंग करेंगे।’ - सतीश कुमार, डीआरएम लखनऊ मंडल, उत्तर रेलवे