{"_id":"5b8d8a2e42c792464f498221","slug":"81536002606-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से बिजली आपूर्ति लड़खड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से बिजली आपूर्ति लड़खड़ाई
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। भोर में 4.30 बजे से लेकर दिन के 10.30 बजे तक लगातार कटौती। इसके बाद हर 15 से 20 मिनट में गुलगपाड़ा। शाम पांच बजे तक लगातार आवाजाही। इससे लोग खीझ उठे। सोमवार को जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बिजली की यही दशा रही। मनमानी कटौती के बीच लोगो्ं को पीने के पानी के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विभाग बारिश के कारण ब्रेकडाउन की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
रविवार का गुलगपाड़ा झेलने के बाद लोग चैन की नींद सो ही रहे थे कि भोर में 4.30 बजे उसमें भी खलल पड़ गया। रिमझिम बारिश रात 12 बजे से ही जारी थी, लेकिन भोर में साढ़े चार बजे बिजली गुल हो गई। बारिश के चलते मौसम ठंडा होने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन सुबह छह बजे तक बिजली के दर्शन नहीं होने से पानी की समस्या उत्पन्न हो गई तो लोग घबरा गए। लेकिन, बिजली के दर्शन इसके बाद भी नहीं हुए और पानी आपूर्ति का समय खत्म हो गया। इससे ज्ञानपुर, गोपीगंज नगरों के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों की दिनचर्या प्रभावित हुई। हजारों की आबादी में बिजली-पानी के लिए हाहाकार मच गया। लगातार छह घंटे बाद दिन के करीब 10.30 बजे बिजली आई। इसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की कि 11 बजे फिर बिजली गायब। यहीं से गुलगपाड़े का सिलसिला भी शुरू हो गया। हर 15 से 20 मिनट के बाद बिजली गुल होने लगी। इससे लोग खीझ उठे। लंबी कटौती के कारण इन्वर्टर, बैटरी पहले ही जवाब दे गए थे। इससे लोगों को फोन चार्ज करने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे के आसपास बिजली आपूर्ति में ठहराव आया। इसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली।
विज्ञापन
रविवार का गुलगपाड़ा झेलने के बाद लोग चैन की नींद सो ही रहे थे कि भोर में 4.30 बजे उसमें भी खलल पड़ गया। रिमझिम बारिश रात 12 बजे से ही जारी थी, लेकिन भोर में साढ़े चार बजे बिजली गुल हो गई। बारिश के चलते मौसम ठंडा होने से लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन सुबह छह बजे तक बिजली के दर्शन नहीं होने से पानी की समस्या उत्पन्न हो गई तो लोग घबरा गए। लेकिन, बिजली के दर्शन इसके बाद भी नहीं हुए और पानी आपूर्ति का समय खत्म हो गया। इससे ज्ञानपुर, गोपीगंज नगरों के अलावा आसपास के दर्जनों गांवों की दिनचर्या प्रभावित हुई। हजारों की आबादी में बिजली-पानी के लिए हाहाकार मच गया। लगातार छह घंटे बाद दिन के करीब 10.30 बजे बिजली आई। इसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की कि 11 बजे फिर बिजली गायब। यहीं से गुलगपाड़े का सिलसिला भी शुरू हो गया। हर 15 से 20 मिनट के बाद बिजली गुल होने लगी। इससे लोग खीझ उठे। लंबी कटौती के कारण इन्वर्टर, बैटरी पहले ही जवाब दे गए थे। इससे लोगों को फोन चार्ज करने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शाम पांच बजे के आसपास बिजली आपूर्ति में ठहराव आया। इसके बाद लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली।
विज्ञापन