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बिजली विभाग के कार्यालय में 11 बजे तक लटके रहे ताले
Updated Thu, 14 Jun 2018 01:04 AM IST
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ज्ञानपुर। दिन: बुधवार। स्थान: पुरानी कलेेक्ट्री परिसर स्थित बिजली विभाग का दफ्तर। समय: 10:15 बजे। बिजली विभाग के कार्यालय की ज्यादातर कुर्सियां खाली। दफ्तर खोलने और साफ-सफाई की औपचारिकता पूरी करने के बाद गप्पे लड़ातीं तीन चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी। बाबुओं और कर्मचारियों की खाली कुर्सियां झांकने के बाद काम के सिलसिले में पहुंचे फरियादी भी उनके इंतजार में चाय-पान की दुकानों पर पहुंचकर साहब और बाबुओं के आने का इंतजार करने लगे। बिजली बिल और कनेक्शन आदि के लिए दूरदराज से आए कुछ लोग साहब के इंतजार में इधर-उधर भटकते मिले।
बुधवार को बिजली विभाग के विद्युत वितरण उपखंड ज्ञानपुर कार्यालय की यही तस्वीर थी। अक्सर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रहने वाले बिजली विभाग की कार्यालयी हकीकत अमर उजाला की पड़ताल में सामने आ गई। फरियादियों की समस्याओं के मद्देनजर बिजली विभाग के कार्यालयी कामकाज की टोह ली गई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। कार्यालय में एक जेई और एक बाबू को छोड़कर सुबह 11 बजे तक अन्य कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा था। तीन चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी कार्यालय खोलने के बाद अपनी सुबह की ड्यूटी से पूरी कर घरेलू समस्याओं की चर्चा में जुट गईं। पूछने पर पता चला कि एक्सईएन अमर सिंह वीडियो कान्फ्रेंसिंग में गए हैं। उधर बाबू और अन्य कर्मचारी कार्यालयी गाइडलाइन भूलकर मस्त रहे। सुबह 10:55 बजे बाबू मनहर राज श्रीवास्तव सबसे पहले कार्यालय में दाखिल हुए। इसके बाद धीरे-धीरे 11.30 बजे तक बाबुओं और अन्य कर्मचारियों का आगमन होता रहा। इसके बाद ही काम शुरू हो सका। हालांकि विभाग में बाबू के पद पर तैनात पवन कुमार खरे और जेई माधव द्विवेदी समय पर अपना काम निपटाते दिखे। इस समय तक विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और कुछ आउट साइडर तो पहुंच चुके थे, लेकिन सहायक अभियंता, लेखाकर समेत अन्य बाबुओं की कुुर्सियां खाली रहीं। वहीं 11 बजे तक एक्सईएन का कार्यालय बंद रहा। लोगों की मानें तो यहां 11 बजे से पहले कोई काम शुरू नहीं होता। जहां हर रोज सैकड़ों लोग बिजली से संबंधित अपने अलग-अलग कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह की लापरवाही के चलते लोग बिजली की अघोषित कटौती से जूझ रहे हैं। ऐसे में विभाग लोकल फॉल्ट का बहाना बनाकर हाथ खड़े कर लेता है। समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण दूर-दराज से आए लोगों को घंटों इंतजार में अपना वक्त बिताना पड़ा। वहीं अलग अलग जगहों से आईं मिनाश्री शुक्ला, राधेश्याम, किशन सिंह, प्रमेंद्र कुमार श्रीवास्तव आदि ने अधिकारियों और बाबुओं के देर से आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि समय का पालन नहीं करने के कारण काफी वक्त जाया होता है।
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बुधवार को बिजली विभाग के विद्युत वितरण उपखंड ज्ञानपुर कार्यालय की यही तस्वीर थी। अक्सर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा में रहने वाले बिजली विभाग की कार्यालयी हकीकत अमर उजाला की पड़ताल में सामने आ गई। फरियादियों की समस्याओं के मद्देनजर बिजली विभाग के कार्यालयी कामकाज की टोह ली गई तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। कार्यालय में एक जेई और एक बाबू को छोड़कर सुबह 11 बजे तक अन्य कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा था। तीन चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी कार्यालय खोलने के बाद अपनी सुबह की ड्यूटी से पूरी कर घरेलू समस्याओं की चर्चा में जुट गईं। पूछने पर पता चला कि एक्सईएन अमर सिंह वीडियो कान्फ्रेंसिंग में गए हैं। उधर बाबू और अन्य कर्मचारी कार्यालयी गाइडलाइन भूलकर मस्त रहे। सुबह 10:55 बजे बाबू मनहर राज श्रीवास्तव सबसे पहले कार्यालय में दाखिल हुए। इसके बाद धीरे-धीरे 11.30 बजे तक बाबुओं और अन्य कर्मचारियों का आगमन होता रहा। इसके बाद ही काम शुरू हो सका। हालांकि विभाग में बाबू के पद पर तैनात पवन कुमार खरे और जेई माधव द्विवेदी समय पर अपना काम निपटाते दिखे। इस समय तक विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और कुछ आउट साइडर तो पहुंच चुके थे, लेकिन सहायक अभियंता, लेखाकर समेत अन्य बाबुओं की कुुर्सियां खाली रहीं। वहीं 11 बजे तक एक्सईएन का कार्यालय बंद रहा। लोगों की मानें तो यहां 11 बजे से पहले कोई काम शुरू नहीं होता। जहां हर रोज सैकड़ों लोग बिजली से संबंधित अपने अलग-अलग कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इसी तरह की लापरवाही के चलते लोग बिजली की अघोषित कटौती से जूझ रहे हैं। ऐसे में विभाग लोकल फॉल्ट का बहाना बनाकर हाथ खड़े कर लेता है। समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण दूर-दराज से आए लोगों को घंटों इंतजार में अपना वक्त बिताना पड़ा। वहीं अलग अलग जगहों से आईं मिनाश्री शुक्ला, राधेश्याम, किशन सिंह, प्रमेंद्र कुमार श्रीवास्तव आदि ने अधिकारियों और बाबुओं के देर से आने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि समय का पालन नहीं करने के कारण काफी वक्त जाया होता है।
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