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जीएसटी लागू फिर भी नहीं कम हुए दवाओं के दाम
Updated Sun, 07 Jan 2018 02:01 AM IST
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वाराणसी। जीएसटी लागू होने के बाद यह हो रहा था कि दवाओं के दाम में कमी आएगी और इसका लाभ मरीजों को मिलेगा लेकिन जीएसटी लागू हो भी गया अभी भी अधिकांश दवाओं के दाम आसमान पर हैं। थोक और फुटकर मार्केट में मिलने वाली दवाओं में करीब 40 प्रतिशत दवाओं के दामों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। केमिस्ट इसे दवा कंपनियों की मनमानी और सरकारी नियंत्रण के बाहर वाली दवाओं को मुख्य वजह मान रहे हैं। हालांकि कुछ दवाएं ऐसी भी हैं, जिनके दाम में पहले की तुलना में कमी भी आई है।
दवा सभी की जरूरत बन गई है, थोड़ा सा बुखार हो या सिरदर्द सहित अन्य छोटी-बड़ी बीमारियां लोग तुरंत संबंधित बीमारी की दवा लेने मेडिकल स्टोर की ओर जाते हैं। दवाओं की बिक्री की जहां तक बात है तो पहले ट्रेड मूल्य, एक्साइज ड्यूटी और टैक्स एक साथ जोड़कर ही कंपनियां दाम का निर्धारण करती थीं, इसके बाद बाजार में भी उसका दाम बढ़ाया जाता था। इस बीच सरकार ने एक समान कर प्रणाली व्यवस्था लागू करते हुए जीएसटी को मंजूरी दे दी। उस समय यह लगता था कि दाम कम होंगे लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। कई कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने जीएसटी लागू होने, एक्साइज ड्यूटी खत्म होने के बाद भी दाम नहीं घटाएं, लिहाजा दवा का दाम कम होने की बजाए बढ़ गया है और उसकी मार मरीजों और तीमारदारों को झेलनी पड़ रही है।
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दवा सभी की जरूरत बन गई है, थोड़ा सा बुखार हो या सिरदर्द सहित अन्य छोटी-बड़ी बीमारियां लोग तुरंत संबंधित बीमारी की दवा लेने मेडिकल स्टोर की ओर जाते हैं। दवाओं की बिक्री की जहां तक बात है तो पहले ट्रेड मूल्य, एक्साइज ड्यूटी और टैक्स एक साथ जोड़कर ही कंपनियां दाम का निर्धारण करती थीं, इसके बाद बाजार में भी उसका दाम बढ़ाया जाता था। इस बीच सरकार ने एक समान कर प्रणाली व्यवस्था लागू करते हुए जीएसटी को मंजूरी दे दी। उस समय यह लगता था कि दाम कम होंगे लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। कई कंपनियां ऐसी हैं, जिन्होंने जीएसटी लागू होने, एक्साइज ड्यूटी खत्म होने के बाद भी दाम नहीं घटाएं, लिहाजा दवा का दाम कम होने की बजाए बढ़ गया है और उसकी मार मरीजों और तीमारदारों को झेलनी पड़ रही है।
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