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मिथिला की सखियों ने कोहबर सजाया
Updated Thu, 23 Nov 2017 02:14 AM IST
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वाराणसी। हल्दी-चंदन की अल्पनाओं से कोहबर सजाया गया। मिथिला की सखियों ने सीता की हथेलियों पर मेहंदी रचाई। सोलह शृंगार किया। मंगलचार गूंजने लगे। मौका था अस्सी स्थित पंजाबी भगवान के आश्रम में राम विवाह महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित सीता के मटकोर का। मटकोर की रस्म पूरी करने के लिए अस्सी-भदैनी के घरों से महिलाएं आश्रम पहुंचीं। विवाह के गीत गाती महिलाएं सीता को लेकर अस्सी घाट पहुंचीं, जहां सती पूजन कर आशीर्वाद लिया। इसी के साथ राम विवाह महोत्सव की धूम मच गई।
बाजे-गाजे के साथ बुधवार की शाम सीता के मटकोर के लिए महिलाओं की भीड़ पंजाबी भगवान के आश्रम से निकली। उत्सवमयी माहौल में मंगलचार करते हुए गंगा तट पर पहुंची महिलाओं के समूह झूम-नाच रहे थे। वहां गंगा पूजन के बाद सती की पूजा कर सीता ने आशीर्वाद लिया। इस दौरान मटकोर की रस्म देखने के लिए पर्यटकों, श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। मिथिला की महिलाएं मटकोर के अलावा विवाह के गीत गा रही थीं। रास्ते भर मां सीता की आरती उतारने के साथ पुष्पवर्षा की जा रही थी। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे। बटुकों के समूह वेद की ऋचाओं का सस्वर गान कर रहे थे। इस मौके पर संतों के अलावा कई मठों के श्रीमहंत उपस्थित थे। गुरुवार को राम विवाह की रस्म पूरी की जाएगी। आश्रम से दोपहर बाद तीन बजे बग्घियों, घोड़ों के साथ राम बारात निकाली जाएगी। रात में सीता का विवाह होगा।
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बाजे-गाजे के साथ बुधवार की शाम सीता के मटकोर के लिए महिलाओं की भीड़ पंजाबी भगवान के आश्रम से निकली। उत्सवमयी माहौल में मंगलचार करते हुए गंगा तट पर पहुंची महिलाओं के समूह झूम-नाच रहे थे। वहां गंगा पूजन के बाद सती की पूजा कर सीता ने आशीर्वाद लिया। इस दौरान मटकोर की रस्म देखने के लिए पर्यटकों, श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। मिथिला की महिलाएं मटकोर के अलावा विवाह के गीत गा रही थीं। रास्ते भर मां सीता की आरती उतारने के साथ पुष्पवर्षा की जा रही थी। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे। बटुकों के समूह वेद की ऋचाओं का सस्वर गान कर रहे थे। इस मौके पर संतों के अलावा कई मठों के श्रीमहंत उपस्थित थे। गुरुवार को राम विवाह की रस्म पूरी की जाएगी। आश्रम से दोपहर बाद तीन बजे बग्घियों, घोड़ों के साथ राम बारात निकाली जाएगी। रात में सीता का विवाह होगा।
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