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एक्टर बनने के लिए मांगी रंगदारी
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:59 AM IST
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वाराणसी। मऊ के मधुबन के मूल निवासी और भोजूबीर में रहने वाले सौरभ शाही को एक्टर बनने का भूत चढ़ा तो वह शिवपुर के फर्नीचर कारोबारी से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांग बैठा। इसके लिए दो साथियों की मदद ली। तीनों में रंगदारी की रकम बराबर-बराबर बांटी जानी थी लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबोच लिया। आरोपियों में सौरभ के अलावा गाजीपुर के सैदपुर के विक्रमपुर के शिवम और चंदौली के सकलडीहा के मारुफपुर का मूल निवासी अतुल मिश्रा हैं। अतुल भगवानपुर में रहता है। तीनों को पुलिस ने सोमवार रात तरना पुल से गिरफ्तार किया। इनके पास से तीन कट्टा, सात कारतूस, दो बाइक, पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड और रंगदारी मांगने में प्रयुक्त मोबाइल व सिम बरामद कर मंगलवार को जेल भेज दिया गया।
एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि 19 जून को फर्नीचर कारोबारी ने रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की। फोन करने वाला खुद को राजकुमार सिंह बताता था और अलग-अलग मोबाइल नंबर से धमकाता था। शिवपुर थानाध्यक्ष शिवानंद मिश्र ने सर्विलांस की मदद से नंबरों की पड़ताल शुरू की। इसी बीच दो जुलाई को कारोबारी को बदमाशों ने रुपये लेकर आईपी मॉल सिगरा के पास बुलाया। इसके बाद कैंट रेलवे स्टेशन और फिर लहरतारा बुलाया लेकिन बदमाश सामने नहीं आए। तीन जुलाई को सर्विलांस की मदद से बदमाशों के तरना पुल पर होने का पता लगा तो थानाध्यक्ष ने एसआई प्रदीप यादव, कांस्टेबल विवेकमणि त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, राहुल सिंह के साथ छापेमारी की। बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग की लेकिन सभी दबोच लिए गए।
सौरभ शाही ने बताया कि भोजूबीर में उसके जीजा की दुकान है। उसके बगल में फर्नीचर कारोबारी की दुकान है। दोनों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना है। कारोबारी का ठाटबाट देख लगा कि 15 लाख रुपये आसानी से दे देगा। सौरभ ने अतुल और शिवम को तैयार किया। अपने हिस्से का रुपया लेकर सौरभ मुंबई जाकर एक्टर बनना चाहता था। अतुल ने योजना तैयार की। आवाज बदलने में माहिर होने के कारण शिवम कारोबारी को फोन करता था। सौरभ ने बताया कि फिल्म अभिनेता ओमपुरी की एक फिल्म में अतुल छोटी सी भूमिका में था। अतुल ने ही उसको मुंबई जाकर एक्टर बनने के लिए प्रेरित किया था।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने अपने कार्यालय में बताया कि 19 जून को फर्नीचर कारोबारी ने रंगदारी मांगे जाने की शिकायत की। फोन करने वाला खुद को राजकुमार सिंह बताता था और अलग-अलग मोबाइल नंबर से धमकाता था। शिवपुर थानाध्यक्ष शिवानंद मिश्र ने सर्विलांस की मदद से नंबरों की पड़ताल शुरू की। इसी बीच दो जुलाई को कारोबारी को बदमाशों ने रुपये लेकर आईपी मॉल सिगरा के पास बुलाया। इसके बाद कैंट रेलवे स्टेशन और फिर लहरतारा बुलाया लेकिन बदमाश सामने नहीं आए। तीन जुलाई को सर्विलांस की मदद से बदमाशों के तरना पुल पर होने का पता लगा तो थानाध्यक्ष ने एसआई प्रदीप यादव, कांस्टेबल विवेकमणि त्रिपाठी, जितेंद्र सिंह, राहुल सिंह के साथ छापेमारी की। बदमाशों ने पुलिस को देखते ही फायरिंग की लेकिन सभी दबोच लिए गए।
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सौरभ शाही ने बताया कि भोजूबीर में उसके जीजा की दुकान है। उसके बगल में फर्नीचर कारोबारी की दुकान है। दोनों का एक-दूसरे के यहां आना-जाना है। कारोबारी का ठाटबाट देख लगा कि 15 लाख रुपये आसानी से दे देगा। सौरभ ने अतुल और शिवम को तैयार किया। अपने हिस्से का रुपया लेकर सौरभ मुंबई जाकर एक्टर बनना चाहता था। अतुल ने योजना तैयार की। आवाज बदलने में माहिर होने के कारण शिवम कारोबारी को फोन करता था। सौरभ ने बताया कि फिल्म अभिनेता ओमपुरी की एक फिल्म में अतुल छोटी सी भूमिका में था। अतुल ने ही उसको मुंबई जाकर एक्टर बनने के लिए प्रेरित किया था।
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