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गोदौलिया पर फटी पाइप, नगवां में धंसी सड़क
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:51 AM IST
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वाराणसी। प्री-मानसून में ही शहर की हालत खराब होने लगी है। शुक्रवार की शाम को काशी की हृदयस्थली गोदौलिया चौराहे के पास सीवेज पाइप लाइन फट गई। इधर बारिश से सड़क पर किचकिच थी, उधर, सड़क पर खोदे गए गड्ढे से निकल रहे सीवर ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दीं। लोगों का आना-जाना दुश्वार हो गया। वहीं, लंका से नगवा मार्ग पर जलकल की पुरानी पेयजल पाइप लीकेज होने के कारण शुक्रवार की सुबह अचानक सड़क धंस गई। सड़क धंसने से मार्ग पर आवागमन लगभग बंद हो गया।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई/ जल निगम गोदौलिया चौराहे पर खोदाई कर शाही नाले की मरम्मत करा रहा है। वहीं चंद कदम की दूरी पर हरसुंदरी धर्मशाला के पास शाम को अचानक सीवेज पाइप फट गई और काफी तेजी से गंदा पानी बाहर आने लगा। अचानक पाइप फटने से जल निगम के अधिकारी हैरान हैं कि वहां कौन सी पाइप कब की बिछाई गई है। पुरानी सीवेज पाइप लाइन के मकड़जाल में उलझे जल निगम के लिए यह पहेली बन गया है। काफी खोजबीन के बाद भी अधिकारी पाइप के कनेक्शन को नहीं ढूंढ पाए। वहां सीवर का पानी निकलने से गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध रोड, गिरजाघर चौराहा, रामापुरा मार्ग, कोदई चौकी और जंगमबाड़ी मठ मार्ग पर पानी फैल गया।
मौके पर पहुंचे जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके वर्मन का कहना है कि पानी कहां से आ रहा है इसका पता लगाया जा रहा है। यहां नई जगह से पानी निकलने लगा है। पुरानी कई लाइनेें है जिनका पता भी नहीं चल पा रहा है। सीवेज का निकलना देर रात तक बंद हो गया। उसका पता लगाकर उसे ठीक कराया जा रहा है।
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उधर, संत रविदास गेट से नगवा मार्ग पर पुरानी पेजयल पाइप फट गई। इस मार्ग पर जल निगम ने ढाई साल पहले बगल से सीवेज पाइप लाइन बिछाई थी। पाइप बिछाने के बाद ठीक से बालू और गिट्टी नहीं डालने के कारण नीचे पोल था। शुक्रवार को पेयजल पाइप लीकेज होने के कारण बालू और गिट्टी बैठ गई। इसके चलते बीच सड़क पर सात से आठ फीट चौड़ा और 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इससे मार्ग पर चलना लगभग बंद हो गया। देर रात तक उसे ठीक करने का काम जलकल विभाग के कर्मचारियों ने किया। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके वर्मन का कहना है कि लीकेज बंद करने के बाद गड्ढे को भर दिया जाएगा।
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गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई/ जल निगम गोदौलिया चौराहे पर खोदाई कर शाही नाले की मरम्मत करा रहा है। वहीं चंद कदम की दूरी पर हरसुंदरी धर्मशाला के पास शाम को अचानक सीवेज पाइप फट गई और काफी तेजी से गंदा पानी बाहर आने लगा। अचानक पाइप फटने से जल निगम के अधिकारी हैरान हैं कि वहां कौन सी पाइप कब की बिछाई गई है। पुरानी सीवेज पाइप लाइन के मकड़जाल में उलझे जल निगम के लिए यह पहेली बन गया है। काफी खोजबीन के बाद भी अधिकारी पाइप के कनेक्शन को नहीं ढूंढ पाए। वहां सीवर का पानी निकलने से गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध रोड, गिरजाघर चौराहा, रामापुरा मार्ग, कोदई चौकी और जंगमबाड़ी मठ मार्ग पर पानी फैल गया।
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मौके पर पहुंचे जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके वर्मन का कहना है कि पानी कहां से आ रहा है इसका पता लगाया जा रहा है। यहां नई जगह से पानी निकलने लगा है। पुरानी कई लाइनेें है जिनका पता भी नहीं चल पा रहा है। सीवेज का निकलना देर रात तक बंद हो गया। उसका पता लगाकर उसे ठीक कराया जा रहा है।
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उधर, संत रविदास गेट से नगवा मार्ग पर पुरानी पेजयल पाइप फट गई। इस मार्ग पर जल निगम ने ढाई साल पहले बगल से सीवेज पाइप लाइन बिछाई थी। पाइप बिछाने के बाद ठीक से बालू और गिट्टी नहीं डालने के कारण नीचे पोल था। शुक्रवार को पेयजल पाइप लीकेज होने के कारण बालू और गिट्टी बैठ गई। इसके चलते बीच सड़क पर सात से आठ फीट चौड़ा और 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इससे मार्ग पर चलना लगभग बंद हो गया। देर रात तक उसे ठीक करने का काम जलकल विभाग के कर्मचारियों ने किया। जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके वर्मन का कहना है कि लीकेज बंद करने के बाद गड्ढे को भर दिया जाएगा।