Electricity Bill: जून में आठ लाख उपभोक्ताओं को लगेगा बढ़े बिजली बिल का करंट, , उद्यमी मायूस; नेता भी नाराज
Varanasi News: वाराणसी में जून से करीब आठ लाख बिजली उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल का झटका लग सकता है। 10 प्रतिशत बिजली दर बढ़ोतरी के फैसले से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्यमी भी मायूस हैं। बढ़े हुए खर्च को लेकर व्यापारिक वर्ग में नाराजगी है, वहीं राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस निर्णय का विरोध शुरू कर दिया है।
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Electricity Bill Hike: बिजली के बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के फैसले से जिले में 8 लाख उपभोक्ताओं को अगले महीने से ज्यादा बिजली बिल जमा करने का झटका मिलेगा। यह बढ़ोतरी मार्च के फ्यूल सरचार्ज के रूप में होगी।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के इस फैसले को लेकर उपभोक्ताओं से लेकर उद्यमी, व्यापारी मायूस हैं। उधर, जनप्रतिनिधियों, नेताओं ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि एक तो बिजली सही नहीं मिल पा रही है, दूसरे बिल में बढ़ोतरी की मार झेलनी पड़ेगी।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के रेग्युलेटरी अफेयर यूनिट के चीफ इंजीनियर ने एक आदेश जारी कर फ्यूल चार्ज बढ़ाने का हवाला देते हुए बिल में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की जानकारी दी है। इसकी कॉपी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी सहित अन्य लोगों को भेजते हुए इसका पालन करवाने को कहा गया है। जिस तरह से मई में बिजली की कटौती हुई और ट्रांसफॉर्मर जले, तार टूटने से परेशानी झेलनी पड़ी, अब बढ़ोतरी के फैसले से नाराजगी है।
फैसले पर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
फ्यूल चार्ज के नाम पर बिजली बिल में बढ़ोतरी का फैसला उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। नियामक आयोग की वाराणसी में हुई जनसुनवाई के दौरान भी आपत्ति जताते हुए ऐसा न करने की अपील की थी। इसके बाद भी उपभोक्ताओं का ध्यान नहीं रखा गया। फैसले के खिलाफ नियामक आयोग में सोमवार को याचिका दायर करेंगे। हर हाल में पावर कार्पोरेशन को फैसले को वापस लेना ही होगा। - अवधेश वर्मा, अध्यक्ष, राज्य उपभोक्ता परिषद, यूपी
देश से बदतर उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति है। जनता को महंगाई की बड़ी मार है। आगे आगे देखिए होता है क्या यही रामराज है। अमीर ओर अमीर, गरीब और गरीब होता जाएगा। एक भी ऊर्जा के संयंत्र भाजपा ने नहीं लगाए, जो लगे हैं वे सब सपा और कांग्रेस की देन है। - वीरेंद्र सिंह, सपा सांसद चंदौली
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखने वाली यूपी सरकार को बिजली की दरें बढ़ाने से पहले पुनर्विचार करना चाहिए। एमएसएमई वेंटिलेटर पर है, बिजली मिल नहीं रही है कटौती भयंकर हो रही है। किसानों और व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। आम जनता प्रताड़ित होगी। - अजय राय, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश कांग्रेस
उद्योगों की यूनिटें पहले से ही संकट में हैं। किसी भी प्रकार का भार यूनिट बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। बिजली की दरें बढ़ने से यूनिट खत्म होंगे। सरकार और आयोग जो छेद हैं उसे दुरुस्त करें। लाइन लॉस कम करें और वसूली बढ़ाएं। इस समय उद्योग संघर्ष कर रहे हैं। एक पैसे की बढ़ोतरी यूनिट सहन नहीं कर पाएंगे। - आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
पश्चिम एशिया के तनाव के चलते एमएसएमई की यूनिटें संकट में हैं। ऐसे में इंडस्ट्री की प्राणवायु बिजली के दामों में बढ़ोतरी यूनिटें डुबा सकती हैं। पड़ोस में बिजली सस्ती हैं। सरकार को विचार करना चाहिए। एमएसएमई को सहायता की जरूरत है। ऐसे में ये बढ़ोतरी संजीवनी साबित नहीं होंगी। - दीपक कुमार बजाज, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन रामनगर