Varanasi News: वरुणा कॉरिडोर के डूब क्षेत्र में 762 अवैध निर्माण, नोटिस देकर आठ साल से भूला वीडीए
वरुणा कॉरिडोर के डूब क्षेत्र में 762 अवैध निर्माण कराए गए हैं। इस पर आठ पहले वीडीए ने जिम्मेदारों को नोटिस दिया, लेकिन उसके बाद कार्रवाई करना भूल गया।
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वरुणा कॉरिडोर के निर्माण के दौरान नदी के डूब क्षेत्र के 50 मीटर दायरे में वीडीए ने आठ साल पहले 762 लोगों को नोटिस थमाया था। उस दौरान हुए सर्वे में 27 ऐसे होटल और बड़े वसायिक कॉम्प्लेक्स थे जो अवैध निर्माण के दायरे में थे। वीडीए उन्हें नोटिस देकर भूल गया है। अब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई।
करीब आठ साल पहले कराए गए सर्वे और सीमांकन में वीडीए, राजस्व विभाग, नगर निगम और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने 762 अवैध निर्माणों को चिह्नित किया था। उनकी सूची शासन के निर्देश पर वीडीए ने अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन की थी। अब वह सूची भी वेबसाइट से नदारत है। वरुणा के दोनों किनारों पर 50-50 मीटर क्षेत्र को डूब क्षेत्र घोषित करते हुए वहां ग्रीन बेल्ट के विकास के लिए बोर्ड भी लगवाए गए थे।
ऑनलाइन सूची में छावनी क्षेत्र के कई बड़े होटलों के नाम थे। इनके अलावा, पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा संघ का दफ्तर, एक पूर्व जनप्रतिनिधि का घर भी था। गौरतलब है कि शुरुआती दौर में वीडीए ने एक होटल को चिह्नित कर थोड़ी बहुत कार्रवाई करने के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया था। छावनी से सरायमोहाना आदिकेशव घाट तक तकरीबन 11 किमी लंबी वरुणा नदी के दोनों किनारों को पर्यटन के लिहाज से कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है जो रखरखाव के अभाव में दम तोड़ रहा है।
क्या बोले अधिकारी
जो भी अवैध निर्माण हैं, उन पर लगातार कार्रवाई चल रही है। वरुणा के डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए दस्तावेज की जांच की जा रही है। - पुलकित गर्ग, उपाध्यक्ष वीडीए