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भूमिगत केबल पर फूंके 74 करोड़ मगर तार-खंभों में उलझी बिजली

Tue, 09 Feb 2021 12:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2021 12:38 AM IST
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74 crore burnt on underground cable but electricity tangled in wire-poles
असिफगंज क्षेत्र में लगा अंडरग्राउंड विद्युत केबलिंग का जक्सन बाक्स से लटकते तार।-प्लान खबर की फ? - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शहरी क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछाने की 74 करोड़ की परियोजना बदहाल हो चुकी है। विद्युत उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली पहुंचाने के लिए जगह-जगह बाक्स लगाने और केबल बिछाने में मानकों की अनदेखी की गई। नतीजतन कुछ ही दिनों में विद्युत आपूर्ति की यह व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। जगह-जगह सड़क किनारे फैले केबल जिला प्रशासन और बिजली विभाग को आइना दिखा रहे हैं। वहीं राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में आजमगढ़ सदर सीट से मुलायम सिंह यादव सांसद रहे। उस समय लोगों को 20 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति होती थी। उसी समय निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने परियोजना को मंजूरी दी थी। शासन की ओर से 74 करोड़ जारी हुए, कार्य शुरू हुआ तो लोगों को निर्बाध बिजली मिलने की आस बंधी। कार्यदायी संस्था ने शहर में जगह-जगह सड़क किनारे बिजली के बाक्स लगाने शुरू किए। अंडरग्राउंड केबल भी बिछाए गए, लेकिन मानकों की अनदेखी से कुछ दिन बाद ही सारी व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। सड़क पर जगह-जगह केबल काटकर छोड़ दिए गए। वहीं बाक्स बदहाल स्थिति में पड़े हुए हैं जो दुर्घटना को दावत दे रहे हैं।
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सड़क चौड़ीकरण में केबल दफन, बीच में आ गए पोल
पीडब्ल्यूडी व नगर पालिका द्वारा शहर की कई सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। जिसमें विद्युत केबल दफन हो गए। उधर पीडब्ल्यूडी विभाग ने भी विद्युत विभाग को इसका मुआवजा नहीं दिया। जिससे कोई कार्य नहीं हो रहा है। इसके अलावा शहर की सड़के चौड़ी हुई लेकिन विद्युत विभाग ने पोल नहीं हटाए, जिससे वह सड़क के बीच आ गए हैं। अंधेरा होने के बाद सड़क पर चलते समय ध्यान नहीं दिया तो पोल से टकराकर दुर्घटना हो सकती है।
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पोल पर तारों का मकड़जाल
शहर में करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी शहर की विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। गिने-चुने कुछ मोहल्ले के बिजली पोल को छोड़ अधिकांश मोहल्ले के पोल पर तारों का मकड़जाल लगा हुआ है। स्थिति यह है कि खराबी आने के बाद लोग परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा खुले तार से ही विद्युत आपूर्ति होने से बिजली चोरी पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है। लोग कटिया फंसाकर बिजली चोरी कर रहे हैं। यदि अंडरग्राउंड केबल रहता तो विद्युत चोरी पर अंकुश लगाया जा सकता।

सड़क चौड़ीकरण में केबल डैमेज हो गए। पीडब्ल्यूडी ने इसकी लागत नहीं दी। दूसरी समस्या यह आई कि सड़क चौड़ी करने से मकान सड़क से सटे हो गए हैं। ऐसे में समस्याएं आ रही है। इन समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
अरविंद कुमार सिंह, एक्सईएन, विद्युत विभाग आजमगढ़।
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