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मानक पर नहीं हैं बनारस की सड़कें, घाटों पर भी होना चाहिए बदलाव
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:55 AM IST
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वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए तीन दिनों से चल रहे स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की टीम का सर्वे पूरा हो गया है। इसमें बनारस की ज्यादातर सड़कों को मानक के अनुसार नहीं है। सड़कों पर फुटपाथ नहीं होने और जिन सड़कों पर फुटपाथ हैं वह भी पैदल यात्रियों के लिए उपयुक्त नहीं है। इसके अलावा घाटों पर पर्यटकों के लिए बदलाव की बात की गई है।
शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की तीन सदस्यीय टीम शहर में सर्वे कर रही है। शुक्रवार की शाम टीम के सदस्यों ने मंडलायुक्त से सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा की। इसमें सड़कों को व्यवस्थित करने, पर्यटकों स्थलों पर जनसुविधाएं विकसित करने और घाटों पर आने जाने में सुविधाजनक रास्तों को तैयार करने का सुझाव दिया है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट नहीं मिली है। टीम ने अपने कुछ सुझाव दिए हैं, विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद उनके सुझाव पर चर्चा होगी।
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शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की तीन सदस्यीय टीम शहर में सर्वे कर रही है। शुक्रवार की शाम टीम के सदस्यों ने मंडलायुक्त से सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा की। इसमें सड़कों को व्यवस्थित करने, पर्यटकों स्थलों पर जनसुविधाएं विकसित करने और घाटों पर आने जाने में सुविधाजनक रास्तों को तैयार करने का सुझाव दिया है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि टीम की ओर से विस्तृत रिपोर्ट नहीं मिली है। टीम ने अपने कुछ सुझाव दिए हैं, विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद उनके सुझाव पर चर्चा होगी।
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