फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   अयोध्या से पहले काशी पहुंचेगा जलेसर में तैयार हो रहा घंटा

अयोध्या से पहले काशी पहुंचेगा जलेसर में तैयार हो रहा घंटा

Wed, 28 Nov 2018 01:47 AM IST
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:47 AM IST
विज्ञापन
अयोध्या से पहले काशी पहुंचेगा जलेसर में तैयार हो रहा घंटा
जलेसर (एटा)। चुनावी माहौल हो और अयोध्या की बात न हो ऐसा कैसे संभव है। हर बार की तरह एक बार फिर अयोध्या चर्चा में है। इसके केंद्र में है राम मंदिर। यह सब हम इसलिए बता रहे हैं कि इस बार अयोध्या और राम मंदिर के साथ ही एटा का जलेसर भी चर्चा में है। वजह है यहां बनने वाले घंटे। दरअसल वाराणसी के कुछ लोगों ने जलेसर के एक उद्यमी को 11 क्विंटल का घंटा बनाने का आर्डर दिया है। बताया जा रहा है यह घंटा अयोध्या में राम मंदिर पर चढ़ाया जाएगा। घंटा तैयार होने के बाद अयोध्या से पहले वाराणसी (काशी) जाएगा। इस घंटे को बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
विज्ञापन

घंटे की डाई बनाने में ही लगेगा एक माह
11 क्विंटल के घंटे का आर्डर पहली बार किसी उद्यमी को मिला। इसे लेकर उद्यमी से लेकर कारीगर तक उत्साहित हैं। साथ ही घंटे को बनाकर तैयार करने की भी बेचैनी है। इस घंटे को तैयार कर रहे मुख्य कारीगर ने बताया कि घंटा बनाने के लिए डाई बनाने का काम शुरू कर दिया है। अभी तो घंटे की डाई और सांचा बनाने में ही लगभग एक माह लग जाएगा। इसके लिए तीन भट्टी तैयार की जा रहीं हैं। इसे बनाने में कम से कम एक दर्जन कारीगर लगेंगे।
विज्ञापन

एटा-जलेसर की पहचान है घंटा
11 क्विंटल के घंटे का आर्डर पाने वाले उद्यमी व जलेसर नगर पंचायत के चेयरमैन विकास मित्तल ने बताया कि एटा और जलेसर की पहचान ही घंटे-घंटियों से है। जलेसर की ही मिट्टी ऐसी है, जहां घंटा बनता है। इसके अलावा पूरे देश में कहीं भी घंटा नहीं बनते हैं। अगर दूसरी जगह घंटा बनता है तो वहां जलेसर से ही मिट्टी जाती है। उन्होंने बताया कि अभी तक उन्होंने 800 किलो भार का घंटा बनाया है। 11 सौ किलो का घंटा पहली बार बना रहे हैं। यह घंटा बनारस के लोगों ने तैयार कराया है। वह इसे बनारस भेजेंगे, इसके बाद वहां से इस अयोध्या पहुंचाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कारीगरों की बात
- 11 क्विंटल का घंटा बनाने का मेरा पहला अनुभव है। अब से पहले मैं आठ क्विंटल का घंटा बना चुका है। खुशी इस बात की है कि घंटा के माध्यम से ही सही वह भगवान राम के मंदिर का हिस्सा बन सकेगा। - दाऊदयाल, मुख्य कारीगर
- अभी तक छोटे छोटे घंटे बहुत बनाए है। मगर पहली बार इतना भारी घंटा बनाने का मौका मिला है। हमारे हाथ का बना हुआ घंटा अयोध्या पहुंचेगा यह हमारे लिए खुशी की बात है। - कंचीराम, कारीगर

सबसे अधिक समय नई डाई और सांचा तैयार करने में लगेगा। इसके बाद घंटा में किसी भी तरह की कोई कमी न रहे। यह हम सबके लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। - दिनेश, कारीगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed