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कामकाज छोड़ अनशन पर बैठे अधिवक्ता
Updated Sat, 05 May 2018 01:04 AM IST
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भदोही। भदोही तहसील बार एसोसिएशन का भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा संघर्ष शुक्रवार से क्रमिक अनशन का रूप ले लिया। सुबह 10 बजे से अधिवक्ता एसडीएम कोर्ट के सामने क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतिम दम तक संघर्ष करने का एलान किया गया। अनशनरत अधिवक्ताओं ने एसडीएम के समक्ष अपनी बात भी रखी लेकिन बात नहीं बनी और अनशन चलता रहा।
तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ गत माह वकीलों ने न्यायालय का बहिष्कार शुरू किया था। इसके बाद से अब उन्होंने आंदोलन को धार देने के लिए क्रमिक अनशन शुरू किया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में बगैर सुविधा शुल्क कोई भी फाईल आगे नहीं बढ़ती। बार के अध्यक्ष सूर्य प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि इस संबंध में डीएम से भी मिले। उन्होंने जांच कराकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में हम लोगों को यह कदम उठाना पड़ा।
अनशन के दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम चैंबर में जाकर उनसे मुलाकात भी की। इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमती भी बनी थी लेकिन यह तय हुआ कि जब तक भ्रष्टाचार से निजात नहीं मिलेगी तब तक अनशन चलेगा। संचालन सुरेंद्र कुमार दूबे ने किया। नरेंद्र उपाध्याय, पुष्पराज पांडेय, बरसाती राय, कृष्णकुमार चतुर्वेदी, महेंद्र बिंद, धर्मेंद्र पांडेय, अंकित पाडेय, संदीप यादव, प्रदीप त्रिपाठी, लल्लन सिंह, रवींद्र दूबे, अशोक दूबे, अरुण दूबे, श्याम नारायण यादव, कृपाशंकर मिश्र, अमृतलाल यादव, धनंजय पाठक, प्रसन्न मिश्र, प्रशांत तिवारी, दिनेश मौर्य, अशोक श्रीवास्तव, नन्हें सरोज, धनुषधारी सिंह, लालचंद्र विश्वकर्मा, सुरेश दूबे, चंद्रकेश पांडेय, अनुराग पांडेय आदि शामिल रहे।
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तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ गत माह वकीलों ने न्यायालय का बहिष्कार शुरू किया था। इसके बाद से अब उन्होंने आंदोलन को धार देने के लिए क्रमिक अनशन शुरू किया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि तहसील में बगैर सुविधा शुल्क कोई भी फाईल आगे नहीं बढ़ती। बार के अध्यक्ष सूर्य प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि इस संबंध में डीएम से भी मिले। उन्होंने जांच कराकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में हम लोगों को यह कदम उठाना पड़ा।
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अनशन के दौरान अधिवक्ताओं ने एसडीएम चैंबर में जाकर उनसे मुलाकात भी की। इस दौरान कुछ मुद्दों पर सहमती भी बनी थी लेकिन यह तय हुआ कि जब तक भ्रष्टाचार से निजात नहीं मिलेगी तब तक अनशन चलेगा। संचालन सुरेंद्र कुमार दूबे ने किया। नरेंद्र उपाध्याय, पुष्पराज पांडेय, बरसाती राय, कृष्णकुमार चतुर्वेदी, महेंद्र बिंद, धर्मेंद्र पांडेय, अंकित पाडेय, संदीप यादव, प्रदीप त्रिपाठी, लल्लन सिंह, रवींद्र दूबे, अशोक दूबे, अरुण दूबे, श्याम नारायण यादव, कृपाशंकर मिश्र, अमृतलाल यादव, धनंजय पाठक, प्रसन्न मिश्र, प्रशांत तिवारी, दिनेश मौर्य, अशोक श्रीवास्तव, नन्हें सरोज, धनुषधारी सिंह, लालचंद्र विश्वकर्मा, सुरेश दूबे, चंद्रकेश पांडेय, अनुराग पांडेय आदि शामिल रहे।
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