{"_id":"5ae4e2414f1c1be2798b6c54","slug":"71524949569-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वनाथ कॉरिडोर योजना विनाशकारी0","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वनाथ कॉरिडोर योजना विनाशकारी0
Updated Sun, 29 Apr 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना को विनाशकारी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है। प्रोजेक्ट पर तत्काल रोक लगाने की अपील करते हुए ऐसा न होने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
पीएम को भेजे पत्र में स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना के तहत किए जा रहे विस्तारीकरण में काशी खंडोक्त मंदिरों को गिराया जा रहा है। गंगा और काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच गंगा पाथवे बनाने का यह प्रोजेक्ट विनाशकारी है। गंगा को बचाने की बजाय गंगा पाथवे बनाकर काशी के मूलस्वरूप को नष्ट किया जा रहा है। इसे तत्काल न रोका गया तो सनातन धर्मी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। गौरतलब है कि कॉरिडोर योजना के विरोध में स्थानीय दुकानदार और कई धर्माचार्य खड़े हो गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर को सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर विश्वनाथ कॉरिडोर नाम से प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। 2017 अप्रैल में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर से गलियों से होकर ललिता घाट तक जाने वाले 700 मीटर के रास्ते को कॉरिडोर के रूप में बदलने की तैयारी है।
विज्ञापन
पीएम को भेजे पत्र में स्वामी स्वरूपानंद ने कहा है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर योजना के तहत किए जा रहे विस्तारीकरण में काशी खंडोक्त मंदिरों को गिराया जा रहा है। गंगा और काशी विश्वनाथ मंदिर के बीच गंगा पाथवे बनाने का यह प्रोजेक्ट विनाशकारी है। गंगा को बचाने की बजाय गंगा पाथवे बनाकर काशी के मूलस्वरूप को नष्ट किया जा रहा है। इसे तत्काल न रोका गया तो सनातन धर्मी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। गौरतलब है कि कॉरिडोर योजना के विरोध में स्थानीय दुकानदार और कई धर्माचार्य खड़े हो गए हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर को सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर विश्वनाथ कॉरिडोर नाम से प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। 2017 अप्रैल में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर से गलियों से होकर ललिता घाट तक जाने वाले 700 मीटर के रास्ते को कॉरिडोर के रूप में बदलने की तैयारी है।
विज्ञापन