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पुस्तकालयों के बिना शिक्षा का विकास असंभव

Wed, 08 Nov 2017 02:02 AM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 02:02 AM IST
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पुस्तकालयों के बिना शिक्षा का विकास असंभव
वाराणसी। बीएचयू में भारतीय विशिष्ट पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र संघ का तीन दिवसीय 31वां सम्मेलन मंगलवार को शुरू हुआ। इसमें समाज और शिक्षा के विकास में सार्वजनिक पुस्तकालयों की भूमिका पर चर्चा की गई। स्वतंत्रता भवन में समारोह का उद्घाटन करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि पुस्तकालयों के बिना शिक्षा का विकास नहीं हो सकता। सामुदायिक सूचना सेवा में भी इनकी भूमिका अहम है।
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संघ के अध्यक्ष डॉ. जेएन सतपथी ने भारत में सार्वजनिक पुस्तकालयों के विकास पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रो. पीयूष कांति प्राणिग्रही ने आशा जताई कि इस सम्मेलन से सार्वजनिक पुस्तकालयों के विकास का रोड मैप तैयार होगा। प्रो. आरडी प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय मिशन के तहत सामुदायिक सूचना सेवा के विकास का प्रयास किया जा रहा है। कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज ने पुस्तकालयों में तकनीक का प्रयोग एक सीमा तक करने कि सलाह दी। अतिथियों का स्वागत ग्रंथालय एवं सूचना विभाग के अध्यक्ष प्रो. आदित्य त्रिपाठी, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नवीन उपाध्याय और संचालन चंद्राली मुखर्जी ने किया। यहां पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। समारोह में एसबी पटेल, प्रो. एचएनएन प्रसाद, प्रो. एसपी सूद आदि मौजूद थे।
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