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75 लाइट लगवाई, भुगतान किया सौ का
Updated Sun, 03 Sep 2017 02:07 AM IST
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सेवापुरी। आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र के भडाव ग्राम पंचायत में 75 स्ट्रीट एलईडी लाइट लगवाकर 100 लाइट के भुगतान का मामला सामने आया है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि गांव में 75 से भी कम लाइट लगाई गई है। योजना में धन की बंदरबांट का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र के चार दर्जन से ज्यादा गांवों में अधिकारियों के चहेतों ने चार हजार रुपये से लेकर 4600 रुपये प्रति लाइट की दर से ग्राम पंचायतों में एलईडी लाइट लगवाई। सेवापुरी सहित विभिन्न ब्लाकों के गांवों में जब एलईडी लाइट में घपलेबाजी का खुलासा अमर उजाला ने किया तो अधिकारियों में खलबली मच गई। जांच से बचने के लिए जिम्मेदार अधिकारी, प्रधान और सचिव नए तरीके आजमाने लगे। ग्राम पंचायतों में लगी लाइट को कागज़ पर दोगुना दिखा कर सरकारी धन को गटकने के जुगाड़ में लग गए। लेकिन भडाव ग्राम सभा में कागज पर गढ़ी गई कहानी उजागर हुई तो लाइट घोटाले में नया ही मोड़ आ गया। सूत्रों की माने तो जैसे भडाव में 75 लइट लगवा कर कागज पर 100 लाइट का भुगतान किया गया है। ठीक इसी तरीके से यह खेल पूरे ब्लाक में किया गया है। भडाव गांव निवासी और समाजसेवी प्रेम पटेल ने बताया कि गांव में 75 नहीं बल्कि 50 से भी कम लाइट लगवाई गई है। यहां के अन्य ग्रामीण भी यही दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी गांव में लगी लाइट गिनवा लें। हकीकत खुद ब खुद सामने आ जाएगी। ग्राम प्रधान अजय यादव ने बताया कि आपूर्तिकर्ता को 100 लाइट का भुगतान किया गया था किंतु उसने गांव में 75 लाइट ही लगाई। यहां के पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी हरिनारायण पांडेय बताते हैं कि दो बार में 100 लाइट का भुगतान आपूर्तिकर्ता को किया गया है। गांव में 75 लाइट लगवाने के बाद मेरा स्थानांतरण हो गया। बाकी लाइट आपूर्तिकर्ता ने क्यों नहीं लगाई यह ग्राम प्रधान बताएंगे। वहीं जब इस बारे में आराजी लाइन के बीडीओ हेमंत सिंह से बात की गई तो उन्होंने टका सा जवाब दे दिया कि उन्हें इस मामले में कुछ भी जानकारी नहीं है।
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