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छात्र गौरव की हत्या में वांछित रावण गिरफ्तार
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वाराणसी। बीएचयू के एमसीए के छात्र गौरव सिंह की दो अप्रैल को हुई हत्या में वांछित 25 हजार के इनामी बदमाश बक्सर निवासी राजा दूबे उर्फ रावण को एसटीएफ ने लंका थाना क्षेत्र के मलहिया से शुक्रवार को गिरफ्तार किया। रावण के पास से .32 बोर की देसी पिस्टल और दो कारतूस बरामद कर उसे लंका थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। रावण बीएचयू परिसर में फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो के कर्मचारी से लूटपाट और डाफी बाईपास पर बाइक लूटने की घटना में भी वांछित था।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर विपिन कुमार राय की टीम ने रावण को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में रावण ने बताया कि वो बालू खरीद फरोख्त का काम करता था। इसी दौरान बीएचयू में पढ़ने वाले पवन मिश्रा और प्रोफेसर उर्फ सन्नी वर्मा से उसकी दोस्ती हुई। पवन के चलते उसका बीएचयू आना-जाना शुरू हुआ। कुछ दिनों पूर्व बक्सर में सराफा दुकान लूटी गई थी। इसमें वांछित होने के कारण रावण बीएचयू के बिड़ला सी हॉस्टल में छुप कर रहने लगा था। पवन ने रावण की मुलाकात रूपेश से कराई।
लंका के दवा दुकानदारों, अस्पताल के दलालों और बीएचयू में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदारों से वसूली और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर रूपेश व पवन और गौरव सिंह के गुट के बीच आए दिन आमने-सामने रहते थे। इसी बीच पवन जेल चला गया तो गौरव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और उसकी हत्या कर दी गई। रावण ने बताया कि बीते एक महीने से वो बक्सर, पटना और वाराणसी में छुप कर रह रहा था। इस बीच उसके पैसे खत्म हो गए तो वो व्यवस्था करने के लिए वाराणसी आया था लेकिन पकड़ा गया।
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर विपिन कुमार राय की टीम ने रावण को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में रावण ने बताया कि वो बालू खरीद फरोख्त का काम करता था। इसी दौरान बीएचयू में पढ़ने वाले पवन मिश्रा और प्रोफेसर उर्फ सन्नी वर्मा से उसकी दोस्ती हुई। पवन के चलते उसका बीएचयू आना-जाना शुरू हुआ। कुछ दिनों पूर्व बक्सर में सराफा दुकान लूटी गई थी। इसमें वांछित होने के कारण रावण बीएचयू के बिड़ला सी हॉस्टल में छुप कर रहने लगा था। पवन ने रावण की मुलाकात रूपेश से कराई।
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लंका के दवा दुकानदारों, अस्पताल के दलालों और बीएचयू में निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदारों से वसूली और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर रूपेश व पवन और गौरव सिंह के गुट के बीच आए दिन आमने-सामने रहते थे। इसी बीच पवन जेल चला गया तो गौरव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और उसकी हत्या कर दी गई। रावण ने बताया कि बीते एक महीने से वो बक्सर, पटना और वाराणसी में छुप कर रह रहा था। इस बीच उसके पैसे खत्म हो गए तो वो व्यवस्था करने के लिए वाराणसी आया था लेकिन पकड़ा गया।
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