{"_id":"5c719b17bdec224a611c1ff2","slug":"61550949143-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भदोही विस्फोट- 4, धमाके से दहल उठा समूचा इलाका-CHANDAULI","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भदोही विस्फोट- 4, धमाके से दहल उठा समूचा इलाका-CHANDAULI
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चौरी (भदोही)। रोटहां धमाके से शनिवार को समूचा इलाका थर्रा उठा। विस्फोट कितना जोरदार था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी आवाज पांच किलोमीटर दूर तक न सिर्फ सुनी गई, बल्कि उसकी डरावनी धमक महसूस भी की गई। तीन-चार सौ मीटर दूर तक के भवनों के दरो-दीवार हिल गए और कई खिड़कियों के शीशे चटक गए।
घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर भदोही नगर के समीप स्थित मोरवा पुल पर धमाके की आवाज सुनकर कई यात्रियों ने अनहोनी की आशंका में अपने वाहन घटनास्थल की ओर घुमा दिए। घटनास्थल का दृश्य धमाके की भयावहता को बयां करने के लिए काफी था। जिस मकान में धमाका हुआ था, उससे करीब चार सौ मीटर दूर एक पैर जाकर गिरा था, जिसे पुलिस ने समेटा। इसी तरह मृतकों के शरीर के अंग उड़कर दूर-दूर तक गिरे थे, जिन्हें पुलिस ने उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दुकान के समीप खड़ी बाइक धमाके से उड़कर 50 मीटर दूर जाकर गिरी और उसके परखचे उड़ गए थे। दुकान के शटर के अनगिनत टुकड़े चार सौ मीटर के दायरे में जगह-जगह बिखर गए थे। दुकान के ठीक के सामने स्थित मैदान की 10 फीट ऊंची चहारदीवारी विस्फोट की धमक से भरभराकर धराशायी हो गई। दुकान के ठीक बगल में लगा हैंडपंप पाइप समेत उखड़ गया। कोल्हण गांव निवासी अच्छेलाल पांडेय ने कहा कि उन्होंने धमाके की आवाज मोरवा पुल पर सुनी। टायर फटने की आवाज समझकर घटनास्थल की ओर बढ़ता चला आया तो पता चला कि विस्फोट हुआ है।
-
दो लोगों का पता नहीं...
चौरी। जिस समय विस्फोट हुआ उस समय दुकान और कालीन कारखाने में 14 लोग मौजूद थे। इनमें से दो लोगों का पता नहीं पाया है कि वे कहां हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि बुनकर सुबह नौ बजे से एक बजे तक बुनाई का काम करते हैं। इस बीच वह भी उठना पसंद नहीं करते थे। इरफान, आबिद और 10 बुनकरों के अलावा काती लेने आए युवक सलीम और वेल्डिंग का काम करने आए एक युवक समेत 14 लोगों को घटना से थोड़ी ही देर पहले कारखाने में देखा गया था। इनमें से प्रशासन ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की, लेकिन बुनकर सुबहान (25) और सनी (30) के अलावा वेल्डिंग मिस्त्री का पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि अगर वेल्डिंग मिस्त्री काम करके चला भी गया हो तो दो अन्य बुनकर कहां हैं। हालांकि इसके बारे में पुलिस प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे पाया।
विज्ञापन
बाहर से आने वाले श्रमिकों या बुनकरों की पूरी पहचान काम लेने वाले स्वामी को रखनी चाहिए। पश्चिम बंगाल से आए बुनकरों की पूरी जानकारी अगर कारखाना संचालक के पास नहीं है तो यह गलत है। परंपरागत ढंग से काम कराने वालों को पुराना ढर्रा छोड़कर अपने कर्मचारियों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। संदिग्ध लोगों के अवैध तरीके से जिले में रहने की जानकारी मिलेगी तो जांच कराई जाएगी।
राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी
घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर भदोही नगर के समीप स्थित मोरवा पुल पर धमाके की आवाज सुनकर कई यात्रियों ने अनहोनी की आशंका में अपने वाहन घटनास्थल की ओर घुमा दिए। घटनास्थल का दृश्य धमाके की भयावहता को बयां करने के लिए काफी था। जिस मकान में धमाका हुआ था, उससे करीब चार सौ मीटर दूर एक पैर जाकर गिरा था, जिसे पुलिस ने समेटा। इसी तरह मृतकों के शरीर के अंग उड़कर दूर-दूर तक गिरे थे, जिन्हें पुलिस ने उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दुकान के समीप खड़ी बाइक धमाके से उड़कर 50 मीटर दूर जाकर गिरी और उसके परखचे उड़ गए थे। दुकान के शटर के अनगिनत टुकड़े चार सौ मीटर के दायरे में जगह-जगह बिखर गए थे। दुकान के ठीक के सामने स्थित मैदान की 10 फीट ऊंची चहारदीवारी विस्फोट की धमक से भरभराकर धराशायी हो गई। दुकान के ठीक बगल में लगा हैंडपंप पाइप समेत उखड़ गया। कोल्हण गांव निवासी अच्छेलाल पांडेय ने कहा कि उन्होंने धमाके की आवाज मोरवा पुल पर सुनी। टायर फटने की आवाज समझकर घटनास्थल की ओर बढ़ता चला आया तो पता चला कि विस्फोट हुआ है।
विज्ञापन
-
दो लोगों का पता नहीं...
चौरी। जिस समय विस्फोट हुआ उस समय दुकान और कालीन कारखाने में 14 लोग मौजूद थे। इनमें से दो लोगों का पता नहीं पाया है कि वे कहां हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि बुनकर सुबह नौ बजे से एक बजे तक बुनाई का काम करते हैं। इस बीच वह भी उठना पसंद नहीं करते थे। इरफान, आबिद और 10 बुनकरों के अलावा काती लेने आए युवक सलीम और वेल्डिंग का काम करने आए एक युवक समेत 14 लोगों को घटना से थोड़ी ही देर पहले कारखाने में देखा गया था। इनमें से प्रशासन ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की, लेकिन बुनकर सुबहान (25) और सनी (30) के अलावा वेल्डिंग मिस्त्री का पता नहीं चल पाया है। माना जा रहा है कि अगर वेल्डिंग मिस्त्री काम करके चला भी गया हो तो दो अन्य बुनकर कहां हैं। हालांकि इसके बारे में पुलिस प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे पाया।
विज्ञापन
बाहर से आने वाले श्रमिकों या बुनकरों की पूरी पहचान काम लेने वाले स्वामी को रखनी चाहिए। पश्चिम बंगाल से आए बुनकरों की पूरी जानकारी अगर कारखाना संचालक के पास नहीं है तो यह गलत है। परंपरागत ढंग से काम कराने वालों को पुराना ढर्रा छोड़कर अपने कर्मचारियों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। संदिग्ध लोगों के अवैध तरीके से जिले में रहने की जानकारी मिलेगी तो जांच कराई जाएगी।
राजेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी