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स्पंदन की रंगोली में ‘दिवाली’
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वाराणसी। बीएचयू के पांच दिवसीय अंतर संकाय युवा महोत्सव स्पंदन-2019 का शुक्रवार को रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ शुभारंभ हुआ। हालांकि कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन शनिवार को सभी संकायों की झांकियों के साथ एंफीथिएटर मैदान में शाम साढ़े तीन बजे किया जाएगा।
पहले दिन स्वतंत्रता भवन, केएन उडप्पा सभागार, मंच कला संकाय समेत पांच जगहों पर सांस्कृतिक, कला और साहित्यिक प्रतिस्पर्धा की कुल 12 प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपने कला के प्रदर्शन से जीत की दावेदारी रखी। इसमें नाटक में जहां बेरोजगारी, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया वहीं गायन में देशभक्ति और लोकगीत की प्रस्तुतियों से भी सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, संयोजक प्रो. जेके राय के निर्देशन में पांच दिन में कुल 31 प्रतियोगिताएं होंगी।
दृश्य कला संकाय में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में 14 संकायों के प्रतिभागियों ने दीपावली पर आकर्षक डिजाइन की रंगोली बनाकर निर्णायकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। डॉ. स्वाति मित्तल, डॉ. मौसमी मुत्तसुदी और डॉ. जसविंदर कौर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उधर पेंटिंग प्रतियोगिता में 18 प्रतिभागियों ने महाशिवरात्रि पर्व को कैनवास पर उकेर कर स्पंदन में जीत की दावेदारी रखी।
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केएन उडप्पा सभागार में आयोजित रंगमंच की प्रतियोगिता में स्किट और मूक अभिनय प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन से सामाजिक समस्याओं की तरफ सभी का ध्यान आकृष्ट किया। नाटक में भ्रष्टाचार, पर्यावरण प्रदूषण, नारी उत्पीड़न, ध्वस्त यातायात व्यवस्था पर प्रहार किया।
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पहले दिन स्वतंत्रता भवन, केएन उडप्पा सभागार, मंच कला संकाय समेत पांच जगहों पर सांस्कृतिक, कला और साहित्यिक प्रतिस्पर्धा की कुल 12 प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपने कला के प्रदर्शन से जीत की दावेदारी रखी। इसमें नाटक में जहां बेरोजगारी, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया वहीं गायन में देशभक्ति और लोकगीत की प्रस्तुतियों से भी सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, संयोजक प्रो. जेके राय के निर्देशन में पांच दिन में कुल 31 प्रतियोगिताएं होंगी।
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दृश्य कला संकाय में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में 14 संकायों के प्रतिभागियों ने दीपावली पर आकर्षक डिजाइन की रंगोली बनाकर निर्णायकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। डॉ. स्वाति मित्तल, डॉ. मौसमी मुत्तसुदी और डॉ. जसविंदर कौर ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उधर पेंटिंग प्रतियोगिता में 18 प्रतिभागियों ने महाशिवरात्रि पर्व को कैनवास पर उकेर कर स्पंदन में जीत की दावेदारी रखी।
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केएन उडप्पा सभागार में आयोजित रंगमंच की प्रतियोगिता में स्किट और मूक अभिनय प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने प्रदर्शन से सामाजिक समस्याओं की तरफ सभी का ध्यान आकृष्ट किया। नाटक में भ्रष्टाचार, पर्यावरण प्रदूषण, नारी उत्पीड़न, ध्वस्त यातायात व्यवस्था पर प्रहार किया।