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तेज हवा के साथ बारिश, ओले भी पड़े
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वाराणसी। पिछले एक सप्ताह से तेज धूप के बाद शुक्रवार सुबह फिर मौसम का मिजाज बदल गया। सुबह करीब चार बजे वरुणापार इलाके में पांडेयपुर, सारनाथ, लालपुर में बारिश के साथ ओले पड़े। चिरईगांव क्षेत्र के सलारपुर, दीनापुर, संदहां, रुस्तमपुर, बराई समेत कई गांवों में ओले पड़े।
फरवरी के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक बारिश के बाद पिछले कई दिनों से तेज धूप हो रही है। इससे अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शुक्रवार को मौसम में अचानक बदलाव आया। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश हुई। बरसात और ओला पड़ने से किसानों की चिंताएं बढ़ गयी हैं। गेंहू छोड़ दलहनी, तिलहनी, आलू, शाक भाजी, आम की मंजरी और पपीते की फसल को नुकसान होगा। मुस्तफाबाद के किसान अतुल सिंह ने कहा कि गांव में पचास बीघे से अधिक क्षेत्रफल में पपीते लगाए गए हैं। ओलों से इसे नुकसान होगा।
जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि ओले से औद्यानिक फसलों को नुकसान पहुंचा है। शाकभाजी, टमाटर और फलों की फसलों को दस से पंद्रह फीसदी नुकसान हो सकता है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में अचानक बदलाव आया है। जिले में कुछ ही जगहों पर ओलावृष्टि हुई हैं। 24 फरवरी के बाद मौसम फिर बिगड़ सकता है।
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फरवरी के पहले सप्ताह में लगातार तीन दिन तक बारिश के बाद पिछले कई दिनों से तेज धूप हो रही है। इससे अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शुक्रवार को मौसम में अचानक बदलाव आया। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश हुई। बरसात और ओला पड़ने से किसानों की चिंताएं बढ़ गयी हैं। गेंहू छोड़ दलहनी, तिलहनी, आलू, शाक भाजी, आम की मंजरी और पपीते की फसल को नुकसान होगा। मुस्तफाबाद के किसान अतुल सिंह ने कहा कि गांव में पचास बीघे से अधिक क्षेत्रफल में पपीते लगाए गए हैं। ओलों से इसे नुकसान होगा।
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जिला उद्यान अधिकारी संदीप गुप्ता ने बताया कि ओले से औद्यानिक फसलों को नुकसान पहुंचा है। शाकभाजी, टमाटर और फलों की फसलों को दस से पंद्रह फीसदी नुकसान हो सकता है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में अचानक बदलाव आया है। जिले में कुछ ही जगहों पर ओलावृष्टि हुई हैं। 24 फरवरी के बाद मौसम फिर बिगड़ सकता है।
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