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दुनिया भर में मनेगी कैफी आजमी की जन्म शताब्दी

Wed, 02 Jan 2019 01:54 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jan 2019 01:54 AM IST
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दुनिया भर में मनेगी कैफी आजमी की जन्म शताब्दी
इम्तियाज अहमद गाजी
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वाराणसी। आजमगढ़ के मेजवां गांव में 14 जनवरी 1919 को जन्मे मशहूर शायर कैफी आजमी का इस वर्ष जन्म शताब्दी समारोह देश के साथ ही दूसरे देशों में मनाया जाना है। समारोह में उनकी शायरी, उनके सामाजिक कार्यों और उनकी किताबों पर चर्चा की जाएगी। उन पर बनीं डाक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। कैफी की पुत्री मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी के प्रयास से जन्म शताब्दी वर्ष पर बड़े पैमाने पर आयोजन होने हैं।
शबाना ने फोन पर कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया- पिता का मानना था कि देश की तरक्की तभी हो सकती है जब गांवों की तरक्की हो। यही वजह है कि फालिज की गिरफ्त में आने के बाद मेरे वालिद मुंबई छोड़ कर अपने गांव मेजवां आ गए। गांव की तरक्की के लिए सड़क बनवाने से लेकर पोस्टऑफिस में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनके प्रमुख कामों में था।
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उनकी जन्म शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रमों की शुरुआत 4 जनवरी से होगी। इस दिन नई दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा होगी। 6 जनवरी को प्रयागराज में देशभर के 12 शायरों को कैफी आजमी एवार्ड देने के साथ ही उनको समर्पित पुस्तक का विमोचन होगा। 8, 9 और 19 जनवरी को नई दिल्ली में, 10 ,12 जनवरी, 20 मार्च, 2-3 फरवरी और 25 अक्तूबर को मुंबई में कार्यक्रम होंगे। 16 और 18 जनवरी तक कोलकाता, 25, 26 जनवरी को जयपुर, एक मार्च और 26 नवंबर को लखनऊ, 6 नवंबर और 29 दिसंबर को आजमगढ़ में कार्यक्रम होंगे।
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इसी तरह 21 फरवरी को कराची में कराची आर्ट्स द्वारा ब-यादे कैफी, 22 से 24 फरवरी तक प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा इस्लामाबाद और 25 फरवरी को हैदराबाद सिंध में कार्यक्रम होंगे। 25 से 27 मार्च तक लंदन में यूके एशियन फिल्म फेस्टिवल के तहत कार्यक्रम और उनके जीवन पर आधारित पुस्तक कैफीनामा का विमोचन किया जाएगा। 22 अक्तूबर को वाशिंगटन में एएमयू एलुमिनी द्वारा मुशायरे का आयोजन किया गया है।

कैफी के साथ काफी समय गुजारने वाले मशहूर उर्दू आलोचक प्रो. अली अहमद फातमी का कहना है कि कैफी प्रोग्रेसिव और प्रोटेस्ट के शायर थे। प्रगतिशील लेखक संघ जब इलाहाबाद में लगभग समाप्त हो गया था, तब वह खुद इलाहाबाद आए और नए सिरे से यहां प्रलेस की बुनियाद डाली।
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