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स्वाद, सुगंध के साथ सेहत भी बनाएगा चावल
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पित चांदपुर के अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान में होने वाले शोध दक्षिण एशिया और अफ्रीका में चावल उत्पादन की क्षमता को और मजबूत करेंगे। फसल उत्पादन, बीज की गुणवत्ता, चावल के पोषण मूल्य में सुधार के लिए उन्नत अनुसंधान, शिक्षण व सेवाएं दी जाएंगी। यह केंद्र किसानों के ज्ञान और आय बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय भागीदारी के साथ काम करेगा।
शनिवार को राष्ट्रीय बीज अनुसंधान केंद्र परिसर में खुले आईआरआरआई (इरी) के केंद्र के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। कहा 93 करोड़ की लागत से खुला यह केंद्र चावल उगाने वाले देशों की अनुसंधान विशेषज्ञता और क्षमता का लाभ क्षेत्र तक पहुंचाएगा और सतत विकास लक्ष्यों में योगदान करेगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन राइस वैल्यू एडिशन लैब में अनाज के मूल्यांकन, गुणवत्ता और पोषण मूल्य के लिए होंगे। अनाज के स्वाद, बनावट और सुगंध के लिए मूल्यांकन होगा। फसल की डिजिटल तरीके से निगरानी के लिए परीक्षण होंगे। लोकार्पण के अवसर पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, साउथ एशियन एसोसिएशन फार रीजनल कोआपरेशन के प्रतिनिधि सहित कई वैज्ञानिक मौजूद रहे।
यह संस्थान कम सिंचाई में ज्यादा पैदावार वाले धान की प्रजातियों को विकसित करेगा। किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए बाढ़ और सूखा रोधी धान की प्रजातियां भी तैयार की जाएंगी। दुनिया भर में धान की खेती वाले क्षेत्रों में होने वाली अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले धान की पैदावार के लिए शोध किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के भारतीय धान को अन्य देशों के पर्यावरण के हिसाब से तैयार कर विदेश भेजा जाएगा। इस समय अफ्रीका में कम पानी में पैदा होने वाले धान की प्रजातियों को यहां के अनुकूल बनाने पर काम चल रहा है। किसानों को नई तकनीक से रूबरू कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का क्षेत्रीय केंद्र किसानों की आय दोगुनी करने में गेमचेंजर साबित होगा। इससे पूर्वांचल के साथ साथ साउथ एशिया के किसान लाभान्वित होंगे। संस्थान में पत्रकारों से कहा कि यूपी के साथ 125 देशों में चावल की वरायटी और गुणवत्ता बेहतर करने में यहां होने वाले शोध कारगर होंगे। देश में 1.37 लाख धान की किस्में हैं जो बीज बैंक में उपलब्ध हैं, संस्थान आनुवंशिकी को बेहतर करने के लिए काम करेगा। साउथ एशिया के देशों के साथ यूपी में शोध कार्य के दूरगामी परिणाम आएंगे।अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र चांदपुर में पीएम की फ्लीट बाहर निकलने के बाद आम आदमी घुस गए। अचानक सैकड़ों लोग जब संस्थान में घुसे तो पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें बाहर किया। इसके बावजूद कई लोग फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गए।
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शनिवार को राष्ट्रीय बीज अनुसंधान केंद्र परिसर में खुले आईआरआरआई (इरी) के केंद्र के लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। कहा 93 करोड़ की लागत से खुला यह केंद्र चावल उगाने वाले देशों की अनुसंधान विशेषज्ञता और क्षमता का लाभ क्षेत्र तक पहुंचाएगा और सतत विकास लक्ष्यों में योगदान करेगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन राइस वैल्यू एडिशन लैब में अनाज के मूल्यांकन, गुणवत्ता और पोषण मूल्य के लिए होंगे। अनाज के स्वाद, बनावट और सुगंध के लिए मूल्यांकन होगा। फसल की डिजिटल तरीके से निगरानी के लिए परीक्षण होंगे। लोकार्पण के अवसर पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, साउथ एशियन एसोसिएशन फार रीजनल कोआपरेशन के प्रतिनिधि सहित कई वैज्ञानिक मौजूद रहे।
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यह संस्थान कम सिंचाई में ज्यादा पैदावार वाले धान की प्रजातियों को विकसित करेगा। किसानों को मौसम की मार से बचाने के लिए बाढ़ और सूखा रोधी धान की प्रजातियां भी तैयार की जाएंगी। दुनिया भर में धान की खेती वाले क्षेत्रों में होने वाली अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाएगा। कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले धान की पैदावार के लिए शोध किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के भारतीय धान को अन्य देशों के पर्यावरण के हिसाब से तैयार कर विदेश भेजा जाएगा। इस समय अफ्रीका में कम पानी में पैदा होने वाले धान की प्रजातियों को यहां के अनुकूल बनाने पर काम चल रहा है। किसानों को नई तकनीक से रूबरू कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान का क्षेत्रीय केंद्र किसानों की आय दोगुनी करने में गेमचेंजर साबित होगा। इससे पूर्वांचल के साथ साथ साउथ एशिया के किसान लाभान्वित होंगे। संस्थान में पत्रकारों से कहा कि यूपी के साथ 125 देशों में चावल की वरायटी और गुणवत्ता बेहतर करने में यहां होने वाले शोध कारगर होंगे। देश में 1.37 लाख धान की किस्में हैं जो बीज बैंक में उपलब्ध हैं, संस्थान आनुवंशिकी को बेहतर करने के लिए काम करेगा। साउथ एशिया के देशों के साथ यूपी में शोध कार्य के दूरगामी परिणाम आएंगे।अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के क्षेत्रीय केंद्र चांदपुर में पीएम की फ्लीट बाहर निकलने के बाद आम आदमी घुस गए। अचानक सैकड़ों लोग जब संस्थान में घुसे तो पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें बाहर किया। इसके बावजूद कई लोग फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गए।