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पूर्वांचल राज्य के गठन से ही होगा विकास
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:44 AM IST
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ज्ञानपुर। जिले के स्थापना दिवस पर शनिवार को पूर्वांचल क्रांति दल ने जिला मुख्यालय पर सभा कर पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग दोहराई। वक्ताओं ने कहा कि पूर्वांचल के विकास के लिए नए राज्य का गठन जरूरी है। सभी दलों ने सिर्फ छलने का काम किया है।
पूर्वांचल क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने कहा कि जब तक पूर्वांचल राज्य नहीं बनेगा तब तक यहां के किसानों, युवाओं का भला नहीं होगा। दो दशक पूर्व 15 जिलों को मिलाकर उत्तराखंड को प्रदेश बनाया गया। आज वह काफी विकसित हो चुका है जबकि 20 से अधिक जिलों वाले पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। प्रदेश में औद्योगिक शून्यता और नेतृत्व की कमी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने 12 सूत्री मांगो का ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें पूर्वांचल राज्य का गठन और काशी को राजधानी बनाने, कृषि को उद्योग का दर्जा, किसानों को जीरो प्रतिशत पर पांच साल के लिए कर्ज, नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण, छुट्टा मवेशियों के लिए हर गांव में पशुशाला, भ्रष्टाचारी की चल-अचल संपत्ति जब्त करने, मनरेगा को कृषि का दर्जा, बीएड, बीटीसी और टीईटी उत्तीर्ण छात्रों को नौकरी समेत अन्य मांगे रहीं। सभा में जयकृष्ण माहेश्वरी, अमरजीत यादव, चंद्रबली उपाध्याय, हरिराम पांडेय, कमलाशंकर मौर्य, संतोष विश्वकर्मा, लाल साहब यादव, सुरेश सिंह, संतोष पांडेय आदि रहे।
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पूर्वांचल क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने कहा कि जब तक पूर्वांचल राज्य नहीं बनेगा तब तक यहां के किसानों, युवाओं का भला नहीं होगा। दो दशक पूर्व 15 जिलों को मिलाकर उत्तराखंड को प्रदेश बनाया गया। आज वह काफी विकसित हो चुका है जबकि 20 से अधिक जिलों वाले पूर्वांचल को अलग राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। प्रदेश में औद्योगिक शून्यता और नेतृत्व की कमी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। उन्होंने 12 सूत्री मांगो का ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें पूर्वांचल राज्य का गठन और काशी को राजधानी बनाने, कृषि को उद्योग का दर्जा, किसानों को जीरो प्रतिशत पर पांच साल के लिए कर्ज, नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण, छुट्टा मवेशियों के लिए हर गांव में पशुशाला, भ्रष्टाचारी की चल-अचल संपत्ति जब्त करने, मनरेगा को कृषि का दर्जा, बीएड, बीटीसी और टीईटी उत्तीर्ण छात्रों को नौकरी समेत अन्य मांगे रहीं। सभा में जयकृष्ण माहेश्वरी, अमरजीत यादव, चंद्रबली उपाध्याय, हरिराम पांडेय, कमलाशंकर मौर्य, संतोष विश्वकर्मा, लाल साहब यादव, सुरेश सिंह, संतोष पांडेय आदि रहे।
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