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पांच करोड़ में बनेगा चमड़ा निस्तारण प्लांट
Updated Sat, 13 Jan 2018 02:09 AM IST
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वाराणसी। नगर निगम नगरीय क्षेत्र में मरे पशुओं के चमड़ी उतारने की व्यवस्था शहर से बाहर करने की तैयारी में है। इसके लिए अत्याधुनिक मृत पशु निस्तारण प्लांट करसड़ा में बनेगा। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध हो गई है। अब टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च से इसका निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अभी हुकुलगंज बस्ती में वरुणा किनारे मरे पशुओं के चमड़े उतारने का काम हो रहा है। इससे वहां बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। तकरीबन एक लाख की आबादी प्रभावित होती है। बारिश और बाढ़ में तो पशुओं का मलबा घरों तक पहुंच जाता है। इससे लोगों का घर में भी रहना दुश्वार हो जाता है। इसका कई बार लोगाें ने विरोध भी किया लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल सका था। शहर में रोजाना 15-20 पशु मरते हैं। जाड़े में इनकी संख्या बढ़ भी जाती है। इस प्लांट के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। जगह के अभाव में निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पा रहा था। इस अत्याधुनिक प्लांट में चमड़ा, हड्डी, मांस एक साथ अलग-अलग हो जाएगा। इससे वहां होने वाली बदबू भी नहीं आएगी और गदंगी भी नहीं फैलेगी।
डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त ने बताया कि करसड़ा में जमीन उपलब्ध हो गई है। उसे लीज पर निर्माण कराने की तैयारी है। इसके अलावा जमीन दूसरी जगह भी देखी जा रही है। यदि सरकारी जमीन मिल गई तो उसे दूसरी जगह भी शिफ्ट किया जा सकता है।
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अभी हुकुलगंज बस्ती में वरुणा किनारे मरे पशुओं के चमड़े उतारने का काम हो रहा है। इससे वहां बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। तकरीबन एक लाख की आबादी प्रभावित होती है। बारिश और बाढ़ में तो पशुओं का मलबा घरों तक पहुंच जाता है। इससे लोगों का घर में भी रहना दुश्वार हो जाता है। इसका कई बार लोगाें ने विरोध भी किया लेकिन अब तक इसका कोई समाधान नहीं निकल सका था। शहर में रोजाना 15-20 पशु मरते हैं। जाड़े में इनकी संख्या बढ़ भी जाती है। इस प्लांट के लिए शासन से पांच करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। जगह के अभाव में निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पा रहा था। इस अत्याधुनिक प्लांट में चमड़ा, हड्डी, मांस एक साथ अलग-अलग हो जाएगा। इससे वहां होने वाली बदबू भी नहीं आएगी और गदंगी भी नहीं फैलेगी।
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डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त ने बताया कि करसड़ा में जमीन उपलब्ध हो गई है। उसे लीज पर निर्माण कराने की तैयारी है। इसके अलावा जमीन दूसरी जगह भी देखी जा रही है। यदि सरकारी जमीन मिल गई तो उसे दूसरी जगह भी शिफ्ट किया जा सकता है।
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