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विद्यार्थियों ने बताया गीता के कर्म व भक्ति योग का मर्म
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:54 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू मालवीय भवन में गीता जयंती समारोह के तहत शुक्रवार को प्रतियोगिता के दूसरे दिन श्रीमद्भागवत गीता भाषण प्रतियोगिता हुई। कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में हुई प्रतियोगिता में 15 शैक्षणिक संस्थानों के 50 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कनिष्ठ वर्ग में ‘कर्मयोग की प्रासंगिकता’ पर हुई भाषण प्रतियोगिता में नवनीता पब्लिक स्कूल की शेषा पांडेय प्रथम रहीं।
वहीं दूसरे स्थान पर सनबीम स्कूल की अवंति दास और तीसरे स्थान पर सेंट्रल हिंदू ब्वायज स्कूल के सुधांशु रघुवंशी रहे। वरिष्ठ वर्ग में ‘भक्तियोग की प्रासंगिकता’ विषय पर प्रतिभागियों ने प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। इस वर्ग में पहला स्थान बीएचयू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के मयंक मिश्रा ने प्राप्त किया। श्री स्वामी नारायणानंद वेद विद्यालय के सर्वेश मिश्र द्वितीय और बीएचयू एसवीडीवी के मनीष कुमार दीक्षित तीसरे स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल में प्रो. माधव जनार्दन रटाटे और डॉ. सुनील कात्यायन रहे। गीता समिति के सचिव डॉ. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विजेताओं को गीता जयंती के अवसर पर 29 नवंबर को मालवीय भवन में पुरस्कृत किया जाएगा।
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वहीं दूसरे स्थान पर सनबीम स्कूल की अवंति दास और तीसरे स्थान पर सेंट्रल हिंदू ब्वायज स्कूल के सुधांशु रघुवंशी रहे। वरिष्ठ वर्ग में ‘भक्तियोग की प्रासंगिकता’ विषय पर प्रतिभागियों ने प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। इस वर्ग में पहला स्थान बीएचयू संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के मयंक मिश्रा ने प्राप्त किया। श्री स्वामी नारायणानंद वेद विद्यालय के सर्वेश मिश्र द्वितीय और बीएचयू एसवीडीवी के मनीष कुमार दीक्षित तीसरे स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल में प्रो. माधव जनार्दन रटाटे और डॉ. सुनील कात्यायन रहे। गीता समिति के सचिव डॉ. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि विजेताओं को गीता जयंती के अवसर पर 29 नवंबर को मालवीय भवन में पुरस्कृत किया जाएगा।
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