{"_id":"59b05e804f1c1beb7f8b4781","slug":"61504730752-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिंडरा। डेंगू होने की फर्जी रिपोर्ट देने की शिकायत पर बुधवार को एसडीएम पिंडरा ने छापेमारी कर एक पैथोलॉजी और डाइग्नोस्टिक सेंटर को सीज कर दिया। साथ ही विधिक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। वहीं छापे के बाद संचालक मौके से भाग गया।
बुधवार को दोपहर एसडीएम पिंडरा डॉ. एनएन यादव और सीओ पिंडरा अभिनव यादव मयफोर्स शिकायतकर्ता मनोज कुमार की सूचना पर बेलवा रोड पर न्यू लाइफ पैथोलॉजी सेंटर पहुंचे। लेकिन पुलिसफोर्स देख संचालक भाग निकला। पैथोलॉजी की जांच में न कोई डॉक्टर मिला और न ही कोई कागजात। संदेह होने पर पैथोलॉजी को सीज कर दिया। इसके बाद पिंडरा स्थित एक डॉक्टर के यहां दबिश दी, लेकिन सूचना लीक होने पर वह भी भाग निकला। इस पर उसे कारण बताओ नोटिस जारी की। वहीं अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने की शिकायत पर पिंडरा स्थित उमा डाइग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। वहां भी न कोई चिकित्सक मिला और न ही कोई अभिलेख। इस पर उसे भी सीज कर दिया गया। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालन में पीएचसी पिंडरा पर तैनात एक महिला चिकित्सक की संलिप्तता सामने आई। इस पर एसडीएम ने उसके खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की बात कही।
बताते चलें कि रमईपुर निवासी मनोज कुमार ने उक्त पैथोलॉजी से बुखार आने पर जांच कराई थी। वहां से डेंगू होने की रिपोर्ट दी गई थी। जब वाराणसी स्थित एक पैथोलॉजी में जांच कराई तो पता चला डेंगू नहीं होने का मामला सामने आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को दोपहर एसडीएम पिंडरा डॉ. एनएन यादव और सीओ पिंडरा अभिनव यादव मयफोर्स शिकायतकर्ता मनोज कुमार की सूचना पर बेलवा रोड पर न्यू लाइफ पैथोलॉजी सेंटर पहुंचे। लेकिन पुलिसफोर्स देख संचालक भाग निकला। पैथोलॉजी की जांच में न कोई डॉक्टर मिला और न ही कोई कागजात। संदेह होने पर पैथोलॉजी को सीज कर दिया। इसके बाद पिंडरा स्थित एक डॉक्टर के यहां दबिश दी, लेकिन सूचना लीक होने पर वह भी भाग निकला। इस पर उसे कारण बताओ नोटिस जारी की। वहीं अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने की शिकायत पर पिंडरा स्थित उमा डाइग्नोस्टिक सेंटर पर छापेमारी की। वहां भी न कोई चिकित्सक मिला और न ही कोई अभिलेख। इस पर उसे भी सीज कर दिया गया। अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालन में पीएचसी पिंडरा पर तैनात एक महिला चिकित्सक की संलिप्तता सामने आई। इस पर एसडीएम ने उसके खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई की बात कही।
विज्ञापन
बताते चलें कि रमईपुर निवासी मनोज कुमार ने उक्त पैथोलॉजी से बुखार आने पर जांच कराई थी। वहां से डेंगू होने की रिपोर्ट दी गई थी। जब वाराणसी स्थित एक पैथोलॉजी में जांच कराई तो पता चला डेंगू नहीं होने का मामला सामने आया।
विज्ञापन