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गठबंधन ने बेस वोट बचाने के लिए शालिनी को टिकट दिया
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वाराणसी। यादव, मुसलमान और दलितों के आधार वोट के अलावा महिलाओं का वोट बैंक साधने के लिए सपा-बसपा गठबंधन ने शालिनी यादव को वाराणसी संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस के राजनीतिक परिवार की सदस्य शालिनी यादव को टिकट देकर सपा ने चंदौली को भी साधने का संदेश दिया है कि जिस जाति के लिए सपा को जाना जाता है उसी जाति की महिला को टिकट दिया है।
सोमवार दोपहर तक सपा की ओर से प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल के नाम की चर्चा थी। कांग्रेस से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने पर गठबंधन का प्रत्याशी नहीं उतारने की भी अटकलें थीं। देर शाम को पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा शालिनी को टिकट देने की घोषणा के साथ ही चर्चाओं और अटकलों पर विराम लग गया।
उधर, कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल शालिनी को टिकट देने से पार्टी कार्यकर्ता खुश हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि उन्हें कम से कम अपनी पार्टी के प्रत्याशी के चुनाव प्रचार का मौका मिलेगा। यही हाल बसपा का भी है। प्रत्याशी की घोषणा के बाद सपा-बसपा नेताओं ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा से नाराज लोगों का वोट गठबंधन को मिल सकता है।
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सोमवार दोपहर तक सपा की ओर से प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल के नाम की चर्चा थी। कांग्रेस से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने पर गठबंधन का प्रत्याशी नहीं उतारने की भी अटकलें थीं। देर शाम को पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा शालिनी को टिकट देने की घोषणा के साथ ही चर्चाओं और अटकलों पर विराम लग गया।
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उधर, कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल शालिनी को टिकट देने से पार्टी कार्यकर्ता खुश हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि उन्हें कम से कम अपनी पार्टी के प्रत्याशी के चुनाव प्रचार का मौका मिलेगा। यही हाल बसपा का भी है। प्रत्याशी की घोषणा के बाद सपा-बसपा नेताओं ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा से नाराज लोगों का वोट गठबंधन को मिल सकता है।
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