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आईक्यूसी की बैठक में नहीं बनी एजेंडे पर सहमति
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आईक्यूसी की बैठक बिना किसी निर्णय के संपन्न हो गई। कुलपति प्रो. टीएन सिंह के शहर से बाहर होने के कारण बैठक में किसी भी एजेंडे पर सहमति नहीं बन सकी। पिछले साल नवंबर में जारी नैक मूल्यांकन की ग्रेडिंग में सी ग्रेड मिलने से विश्वविद्यालय प्रशासन मायूस है। ग्रेडिंग में सुधार के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। ग्रेंडिंग में मिली खामियों को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
शुक्रवार को आईक्यूसी की बैठक का आयोजन किया गया था लेकिन कुलपति के शहर से बाहर होने के कारण किसी भी एजेंडे पर सहमति नहीं बन सकी। बता दें कि ग्रेडिंग गिरने की वजह से विश्वविद्यालय की साख पर तो सवाल उठ ही रहा है, वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से बजट मिलने में भी समस्या होगी। यूजीसी अब सुविधाओं में भी कटौती करेगा और इसका सीधा असर विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना के विकास पर पड़ेगा। पिछले साल यूजीसी ने 10 करोड़ दिए थे। आगामी शैक्षणिक सत्र में यूजीसी इसे कम कर सकता है। विद्यापीठ से पूर्वांचल के वाराणसी समेत चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया के कॉलेज संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग गिरने का असर संबद्ध जिलों के महाविद्यालयों की ग्रेडिंग पर भी पड़ सकता है। पिछली बार नैक मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को बी प्लस ग्रेड मिला था।
कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्या ने बताया कि आईक्यूसी की बैठक में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आईक्यूसी समन्वय प्रो. केएस जायसवाल ने बताया कि कुलपति के शहर से बाहर होने के कारण एजेंडे पर सहमति नहीं बनी है। दोबारा आईक्यूसी की बैठक बुलाई जाएगी।
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शुक्रवार को आईक्यूसी की बैठक का आयोजन किया गया था लेकिन कुलपति के शहर से बाहर होने के कारण किसी भी एजेंडे पर सहमति नहीं बन सकी। बता दें कि ग्रेडिंग गिरने की वजह से विश्वविद्यालय की साख पर तो सवाल उठ ही रहा है, वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से बजट मिलने में भी समस्या होगी। यूजीसी अब सुविधाओं में भी कटौती करेगा और इसका सीधा असर विश्वविद्यालय की आधारभूत संरचना के विकास पर पड़ेगा। पिछले साल यूजीसी ने 10 करोड़ दिए थे। आगामी शैक्षणिक सत्र में यूजीसी इसे कम कर सकता है। विद्यापीठ से पूर्वांचल के वाराणसी समेत चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया के कॉलेज संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग गिरने का असर संबद्ध जिलों के महाविद्यालयों की ग्रेडिंग पर भी पड़ सकता है। पिछली बार नैक मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को बी प्लस ग्रेड मिला था।
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कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्या ने बताया कि आईक्यूसी की बैठक में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आईक्यूसी समन्वय प्रो. केएस जायसवाल ने बताया कि कुलपति के शहर से बाहर होने के कारण एजेंडे पर सहमति नहीं बनी है। दोबारा आईक्यूसी की बैठक बुलाई जाएगी।
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