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हक के लिए पूरे हौसले से आगे आएं ख्वातीन00
Updated Wed, 14 Mar 2018 02:24 AM IST
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जव्वादिया अरबी कॉलेज प्रह्लादघाट में जनाबे फातमा की विलादत के सिलसिले से मंगलवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में अमेरिका से आए प्रो. शबाहत हुसैन ने तकरीर करते हुए कहा कि जनाबे फातमा ने अपनी जिंदगी के जरिये सारी दुनिया की औरतों को पैगाम दिया कि अपने हक के लिए पूरे हौसले और पूरे इख्तियार के साथ औरतों को खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश करना एक मां की सबसे बड़ी पहचान है और औरत की जिंदगी का मकसद भी। इस मौके पर मौलाना सैयद मोहम्मद अकील हुसैनी और मौलाना जमीरुल हसन ने भी तकरीर की। मौलाना शमीमुल हसन रिजवी की सदारत में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मौलाना कारी अहमद अली की तिलावते कलाम पाक से हुआ। जव्वादिया कॉलेज के छात्र मो. कुमैन, मो. शोएब, आमिर हुसैन, अली मुर्तजा आदि ने शोधपत्र पढ़कर बीबी फातमा की जिंदगी पर रोशनी डाली। संयोजक मौलाना वसीम रिजवी ने इस्तकबाल तो मौलाना नदीम असगर ने शुक्रिया अदा किया। संचालन हैदर अब्बास ने किया।
उधर, शाम को बीबी फातमा के जश्ने विलादत के सिलसिले से महफिल में प्रो. अजीज हैदर, दिलकश गाजीपुरी, रेहान बनारसी, बाकर बलियावी, अतश बनारसी, गौहर बनारसी, बालक नकी आदि ने कलाम पेश किए। अली समिति ने सचिव फरमान हैदर ने नकी बनारसी को इनाम से भी नवाजा। दूसरी ओर दालमंडी के पुरानी अदालत में शब्बीर और सफदर के अजाखाने पर बीनिश फातता के संयोजन में ख्वातीन की महफिल हुई।
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उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश करना एक मां की सबसे बड़ी पहचान है और औरत की जिंदगी का मकसद भी। इस मौके पर मौलाना सैयद मोहम्मद अकील हुसैनी और मौलाना जमीरुल हसन ने भी तकरीर की। मौलाना शमीमुल हसन रिजवी की सदारत में आयोजित सेमिनार का शुभारंभ मौलाना कारी अहमद अली की तिलावते कलाम पाक से हुआ। जव्वादिया कॉलेज के छात्र मो. कुमैन, मो. शोएब, आमिर हुसैन, अली मुर्तजा आदि ने शोधपत्र पढ़कर बीबी फातमा की जिंदगी पर रोशनी डाली। संयोजक मौलाना वसीम रिजवी ने इस्तकबाल तो मौलाना नदीम असगर ने शुक्रिया अदा किया। संचालन हैदर अब्बास ने किया।
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उधर, शाम को बीबी फातमा के जश्ने विलादत के सिलसिले से महफिल में प्रो. अजीज हैदर, दिलकश गाजीपुरी, रेहान बनारसी, बाकर बलियावी, अतश बनारसी, गौहर बनारसी, बालक नकी आदि ने कलाम पेश किए। अली समिति ने सचिव फरमान हैदर ने नकी बनारसी को इनाम से भी नवाजा। दूसरी ओर दालमंडी के पुरानी अदालत में शब्बीर और सफदर के अजाखाने पर बीनिश फातता के संयोजन में ख्वातीन की महफिल हुई।
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