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जिले की दो जेल के 34 कैदी एचआईवी संक्रमित
Updated Fri, 09 Mar 2018 02:36 AM IST
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वाराणसी। जिला और सेंट्रल जेल में निरुद्ध कैदियों में से 34 एचआईवी संक्रमित हैं। इन कैदियों में से सर्वाधिक 23 विचाराधीन हैं जबकि 11 सजायाफ्ता हैं। कैदियों की नियमित कराई जाने वाली एचआईवी जांच में सामने आई रिपोर्ट के बाद पीडि़तों का उपचार एआरटी सेंटर की मदद से कराया जा रहा है। इसके साथ ही, इस संबंध में लखनऊ स्थित कारागार प्रशासन के मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है।
जिला जेल में गुरुवार को 1837 और सेंट्रल जेल में 1650 कैदी निरुद्ध थे। हाल में हुई एचआईवी जांच में इनमें से जिला जेल के 23 और सेंट्रल जेल के 11 कैदी संक्रमित मिले। जिला जेल के जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह में दो दिन कैदियों के खून का नमूना एचआईवी जांच के लिए लिया जाता है। जो भी कैदी एचआईवी संक्रमित पाए जाते हैं उनका उपचार एआरटी सेंटर की मदद से शुरू कराकर उनके खानपान पर ध्यान दिया जाता है। एचआईवी संक्रमित कैदी जमानत होने पर जब घर जाने लगता है तो उसे नियमित डॉक्टर के संपर्क में रहने और खानपान पर ध्यान देने के लिए समझाया जाता है। वहीं, सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ ने बताया कि कैदियों की एचआईवी जांच के लिए कारागार परिसर में सेंटर है। जो भी कैदी सेंट्रल जेल में दाखिल किया जाता है उसकी एचआईवी जांच कराई जाती है और संक्रमित पाए जाने पर उपचार शुरू करा दिया जाता है।
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जिला जेल में गुरुवार को 1837 और सेंट्रल जेल में 1650 कैदी निरुद्ध थे। हाल में हुई एचआईवी जांच में इनमें से जिला जेल के 23 और सेंट्रल जेल के 11 कैदी संक्रमित मिले। जिला जेल के जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह में दो दिन कैदियों के खून का नमूना एचआईवी जांच के लिए लिया जाता है। जो भी कैदी एचआईवी संक्रमित पाए जाते हैं उनका उपचार एआरटी सेंटर की मदद से शुरू कराकर उनके खानपान पर ध्यान दिया जाता है। एचआईवी संक्रमित कैदी जमानत होने पर जब घर जाने लगता है तो उसे नियमित डॉक्टर के संपर्क में रहने और खानपान पर ध्यान देने के लिए समझाया जाता है। वहीं, सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीष गौड़ ने बताया कि कैदियों की एचआईवी जांच के लिए कारागार परिसर में सेंटर है। जो भी कैदी सेंट्रल जेल में दाखिल किया जाता है उसकी एचआईवी जांच कराई जाती है और संक्रमित पाए जाने पर उपचार शुरू करा दिया जाता है।
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