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बोलती रामायण
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:23 AM IST
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मानस का डिजिटल संस्करण ‘बोलती रामायण’
प्लेयर के जरिए 21 घंटे में सुन सकते हैं रामचरित मानस के सातों कांड
प्रस्तावना, गणेश वंदना, आवाहन मंत्र के अलावा पुष्पांजलि भी संगीतबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बदलते दौर के साथ पठन-पाठन का शौक और साहित्य भी डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। एक वक्त था जब गीता प्रेस ने जन-जन के लिए रामचरित मानस को सुलभ बनाने और घर-घर तक इसे पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किए। पर, आज वक्त के साथ मानस प्रेमियों ने इसे फिर से सर्वसुलभ कराने के लिए रामायण का डिजिटल संस्करण बनाया है। यह ‘डिजिटल रामायण’ टाउनहाल में चल रहे राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में ‘बोलती रामायण’ के डिवाइस के रूप में उपलब्ध है। ‘बोलती रामायण’ ऐसा अनूठा डिवाइस है जिसमें मानस के बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक के दोहे और चौपाइयों की संगीतमय रिकार्डिंग की गई है। 21 घंटे में संगीतमय रामचरित मानस का संपूर्ण पाठ पूरा हो जाएगा। इसके संगीत को सुरों से सजाया है अजय मूंदड़ा ने।
आप दफ्तर में हों या किसी सफर में लेकिन चलते-फिरते हर जगह जब चाहें रामचरित मानस का संगीतमय पाठ सुन सकते हैं। प्रयास संस्था ने यह संभव किया है ‘बोलती रामायण’ डिवाइस बनाकर। बदलते दौर में आगे बढ़ने की होड़, काम की व्यस्तता और घर-बाहर के दबाव में समय की कमी के चलते जो मानस प्रेमी चाहकर भी रामायण पाठ नहीं कर पाते, उनके लिए बोलती रामायण एक उपहार की तरह है। इस डिवाइस के चलते कानों में रामायण की चौपाइयां जब चाहें गूंजने लगेंगी। संपूर्ण रामचरित मानस के गायन की परिकल्पना श्री सीमेंट के चेयरमैन समाजसेवी वेणु गोपाल जी बांगड़ ने की थी।
इनसेट
‘रामायण प्लेयर’ के रूप में यह डिवाइस बाजार में उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में बोलती रामायण प्लेयर को प्रयास संस्था के स्टाल पर लगाया गया है। इस डिवाइस की बस एक बटन को दबाया और रामायण की चौपाइयों के मधुर गायन का प्रवाह शुरू। रामायण के सातों कांड का सम्पूर्ण गायन पहली बार करने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में इसका नाम भी दर्ज हो चुका है। इस बोलती रामायण का प्रचार कर रहे अभय माहेश्वरी बताते हैं कि नई पीढ़ी में रामचरित मानस के प्रति श्रद्धा एवं जिज्ञासा पैदा करने में इससे मदद मिल रही है। इसके जरिए नई पीढ़ी में राम के आदर्शों को उपहार के रूप में आसानी से हस्तांतरित किया जा सकता है।
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प्लेयर के जरिए 21 घंटे में सुन सकते हैं रामचरित मानस के सातों कांड
प्रस्तावना, गणेश वंदना, आवाहन मंत्र के अलावा पुष्पांजलि भी संगीतबद्ध
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। बदलते दौर के साथ पठन-पाठन का शौक और साहित्य भी डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। एक वक्त था जब गीता प्रेस ने जन-जन के लिए रामचरित मानस को सुलभ बनाने और घर-घर तक इसे पहुंचाने के लिए अथक प्रयास किए। पर, आज वक्त के साथ मानस प्रेमियों ने इसे फिर से सर्वसुलभ कराने के लिए रामायण का डिजिटल संस्करण बनाया है। यह ‘डिजिटल रामायण’ टाउनहाल में चल रहे राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में ‘बोलती रामायण’ के डिवाइस के रूप में उपलब्ध है। ‘बोलती रामायण’ ऐसा अनूठा डिवाइस है जिसमें मानस के बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक के दोहे और चौपाइयों की संगीतमय रिकार्डिंग की गई है। 21 घंटे में संगीतमय रामचरित मानस का संपूर्ण पाठ पूरा हो जाएगा। इसके संगीत को सुरों से सजाया है अजय मूंदड़ा ने।
आप दफ्तर में हों या किसी सफर में लेकिन चलते-फिरते हर जगह जब चाहें रामचरित मानस का संगीतमय पाठ सुन सकते हैं। प्रयास संस्था ने यह संभव किया है ‘बोलती रामायण’ डिवाइस बनाकर। बदलते दौर में आगे बढ़ने की होड़, काम की व्यस्तता और घर-बाहर के दबाव में समय की कमी के चलते जो मानस प्रेमी चाहकर भी रामायण पाठ नहीं कर पाते, उनके लिए बोलती रामायण एक उपहार की तरह है। इस डिवाइस के चलते कानों में रामायण की चौपाइयां जब चाहें गूंजने लगेंगी। संपूर्ण रामचरित मानस के गायन की परिकल्पना श्री सीमेंट के चेयरमैन समाजसेवी वेणु गोपाल जी बांगड़ ने की थी।
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‘रामायण प्लेयर’ के रूप में यह डिवाइस बाजार में उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्रीय संस्कृत पुस्तक मेले में बोलती रामायण प्लेयर को प्रयास संस्था के स्टाल पर लगाया गया है। इस डिवाइस की बस एक बटन को दबाया और रामायण की चौपाइयों के मधुर गायन का प्रवाह शुरू। रामायण के सातों कांड का सम्पूर्ण गायन पहली बार करने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में इसका नाम भी दर्ज हो चुका है। इस बोलती रामायण का प्रचार कर रहे अभय माहेश्वरी बताते हैं कि नई पीढ़ी में रामचरित मानस के प्रति श्रद्धा एवं जिज्ञासा पैदा करने में इससे मदद मिल रही है। इसके जरिए नई पीढ़ी में राम के आदर्शों को उपहार के रूप में आसानी से हस्तांतरित किया जा सकता है।
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