काशी में 512 पूजा पंडाल: कहीं लाखों की भीड़ के लिए 2 फीट का रास्ता, कहीं दीवार झुकी; करंट का भी खतरा
वाराणसी में 512 पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। कहीं लाखों की भीड़ के लिए महज दो फीट का रास्ता है तो कहीं पंडाल के पास दीवार झुकी हुई है। अधिकतर पंडालों के आसपास बिजली के तारों से शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा चुनौती है।
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कल से नवरात्र शुरू हो जाएंगे। शहर में 512 पूजा पंडाल बनाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक अधिकतर पूजा पंडालों के आसपास बिजली के तारों को दुरुस्त नहीं किया गया है। चेतगंज के पूजा पंडाल के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिन्हें अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है। नीचीबाग पूजा पंडाल के ऊपर भी बिजली के तारों से शॉर्ट सर्किट का खतरा है। इसके अलावा, विश्वेश्वरगंज पूजा पंडाल जाने वाला मार्ग काफी संकरा है। इसी प्रकार, सनातन धर्म इंटर कॉलेज पूजा पंडाल के पास की दीवार एक तरफ झुक रही है।
पूजा पंडालों के पास से गुजर रहे बिजली के तारों से शॉर्ट सर्किट का खतरा मंडरा रहा है। समय रहते इन्हें ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पूजा पंडालों के आसपास की तैयारियां अब तक पूरी नहीं हुई हैं। पंडालों में लकड़ी, कपड़े, थर्माकोल आदि का प्रयोग किया जाता है।
कई पंडालों के ऊपर और काफी करीब से बिजली के हाईटेंशन और एलटी तार गुजर रहे हैं। खतरे को देखते हुए कई पूजा समितियों के लोगों ने तारों पर प्लास्टिक की पाइप लगवाई है, जबकि अब भी कई पंडालों के पास से नंगे तार गुजर रहे हैं। इन पंडालों के ऊपर और काफी करीब से गुजर रहे बिजली के तार टूटने या शॉर्ट सर्किट होने पर आग लगने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इन पंडालों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। यही नहीं, पंडालों से कुछ दूरी तक सड़कों और गलियों में भी झालरें और लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके लिए उपयोग और लोड की क्षमता के अनुसार अस्थायी कनेक्शन लेना होता है।
दुर्गापूजा पंडालों के आसपास लटके बिजली के तारों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। पंडालों के लिए अस्थायी कनेक्शन लेना अनिवार्य है। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। समय से पहले सब ठीक करा लिया जाएगा। - संदीप कुमार, एमडी, पूर्वांचल डिस्कॉम