Exclusive: वाराणसी में 50% स्कूलों में मैदान नहीं, खेल शिक्षकों का भी अभाव; बच्चे नहीं दिखा पा रहे प्रतिभा
Varanasi News: वाराणसी में 50% स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं। वहीं खेल शिक्षकों का भी अभाव है। ऐसे में जिले के राजकीय, वित्तपोषित और निजी विद्यालयों के बच्चे मैदान न होने से अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पा रहे हैं।
विस्तार
वाराणसी जिले के इंटर कॉलेजों में बच्चों के खेलने के लिए बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। लगभग 50 फीसदी विद्यालयों में खेल मैदानों का अभाव है। जिनमें मैदान हैं, वे भी बहुत छोटे हैं। यहां अभ्यास के लिए खेल शिक्षक तक नहीं हैं। कई विद्यालयों में देखरेख के अभाव से मैदान बदहाली से जूझ रहे हैं। कहीं ऊबड़-खाबड़ जमीन है तो कहीं झाड़ियां उगी हैं। इससे बच्चों के चोटिल होने का डर बना रहता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जिले में कुल 404 विद्यालय हैं। इनमें 30 राजकीय, 106 वित्तपोषित और 268 निजी विद्यालय हैं। इनमें 200 से ज्यादा संस्थाओं में मैदान तक नहीं हैं। परिषद की तरफ से पूरे साल के लिए एक खेल कैलेंडर भी जारी होता है। एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, बाक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताएं इसमें शामिल होती हैं।
केस 1
पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज वाराणसी में खेल मैदान नीं है। यहां छोटा मैदान जहां प्रार्थना भी होती है। जमीन समतल नहीं है और आधे क्षेत्र में झाड़ियां उगी हैं। यहां पीछे जगहके अभवमें मैदानउपलब्ध नीं है।
केस 2
पीएम श्री राजकीय राधा किशोरी बालिका इंटर कॉलेज मेंभी खल मैदान नहीं है। यहां भी छोटा सा मैदान है जां प्रार्थना और छोटे मोटे कार्यक्रम होते हैं। छात्राओं के खेल के लिए बड़ा मैदान नहीं है।
क्या बोले अधिकारी
बहुत से विद्यालय काफी पहले बने हैं। इसलिए उनका निर्माण उस समय जमीन की उपलब्धता के अनुसार हुआ। अभी जिन विद्यालयों को मान्यता दी जा रही है या जिन्होंने आवेदन किया है, उनके यहां मैदान हैं या विद्यालय के अगल-बगल छात्रों के खेले की व्यवस्था है। -भोलेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओए