महज 45 मिनट में 416.71 करोड़ की जिला योजना पास, इस्तीफे पर जिला पंचायत सदस्यों ने किया हंगामा
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मात्र 45 मिनट के भीतर 416.71 करोड़ रुपये के जिला योजना के प्रस्ताव पास हो गए। शोरगुल के बीच 47 विभागों के प्रस्तावों का अनुमोदन हुआ और जिले के प्रभारी नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने इन्हें मंजूरी दे दी। वित्तीय वर्ष 2020-21 की जिला योजना का परिव्यय गत वर्ष 2019-20 के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है। उधर, पंचायत सदस्यों ने इस्तीफे की चेतावनी देते हुए हंगामा किया।
सोमवार को विकास भवन में जिला योजना की बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई और 12:45 बजे खत्म हो गई।प्रभारी मंत्री ने जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों को शामिल कर इसकी सूचना जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने को कहा। इससे पहले डीएम कौशलराज शर्मा ने प्रभारी मंत्री की अनुमति लेकर जिला योजना के सभी प्रस्ताव पढ़े। डीएम ने कहा कि जिला योजना में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर जोर दिया गया है। जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव ने आपत्ति दर्ज कराई कि बगैर जिला पंचायत की बैठक में अनुमोदन के जिला योजना में प्रस्ताव लाया गया। क्या यह नियम विरुद्ध नहीं है।
पंचायत सदस्य हर्षवधन सिंह ने कहा कि ग्राम सभा गउडी का काम आज तक नहीं हुआ। पिछली बार भी सदन से पास कराए बगैर जिला योजना के प्रस्ताव मंजूर किए गए थे। इस बार भी वही हो रहा है। पंचायत सदस्य ज्योति सिंह ने कहा कि लंबे समय से अपर मुख्य अधिकारी नहीं थे। जब इंजीनियर नहीं हैं तो काम कैसे होगा। एमएलसी शतरूद्र प्रकाश के प्रतिनिधि बनकर आए जिला पंचायत सदस्य संजय मिश्र ने कहा कि यह सदन आपका है या नहीं, यह बताएं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, विधायक अवधेश सिंह, शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह आदि शामिल रहे।
पीडब्ल्यूडी अलग बनाए सड़क का प्रस्ताव
पंचायत सदस्यों की आपत्ति के बाद राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन संजीव को खड़ा किया। कहा-सभी से बात कर एक-एक सड़क का प्रस्ताव अलग से बनाएं।
यह आपका सदन नहीं, अपने सदन में दीजिए इस्तीफा
जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि इस्तीफा हम आपको दे दे रहे हैं। यदि हमारे प्रस्ताव के काम पूरा हो जाएं तो इसे फाड़ दीजिएगा। यदि ऐसा नहीं हो सकता है तो हमारा इस्तीफा मंजूर कर लीजिए। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह आपका सदन नहीं है। आप इस्तीफा अपने सदन में दीजिए।
हंगामे का मौका ही नहीं दिया
पिछली बैठक से सीख लेते हुए इस बार जिला योजना की बैठक 45 मिनट में ही खत्म कर दी गई। दरअसल, मार्च 2019 में संत कबीर नगर कलेक्ट्रेट में जिला योजना की बैठक हुई थी। उस दौरान प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री रहे आशुतोष टंडन जिले के प्रभारी मंत्री थे। इनकी मौजूदगी में शिलापट्ट पर नाम को लेकर खलीलाबाद के सांसद रहे शरद त्रिपाठी और मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल भिड़ गए थे। इस बार प्रभारी मंत्री ने हंगामा करने का जिला पंचायत सदस्यों को मौका ही नहीं दिया।
पीएम के प्रतिनिधि बनकर बैठक में आए शिवशरण पाठक
विशेष आमंत्रित सदस्यों में से एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस बैठक में भाग लेने के लिए जिला प्रशासन ने आमंत्रण भेजा था। प्रधानमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर रवींद्रपुरी स्थित पीएम के संसदीय कार्यालय के प्रभारी शिवशरण पाठक शामिल हुए। इसी तरह कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की जगह उनके प्रतिनिधि पवन चौबे आए थे।
‘दक्षिणी वार्ड में कितने ट्यूबवेल हैं’
जिस समय जिला पंचायत सदस्य अपना रोना रो रहे थे, उसी दौरान नगर निगम से आए निर्वाचित सदस्य कांग्रेस के पार्षद अफजाल अंसारी ने कहा कि दक्षिणी विधानसभा में उनका वार्ड है। उनके क्षेत्र में पानी की समस्या है। इस पर राज्यमंत्री डा. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि 30 ट्यूबवेल प्रभारी मंत्री ने दिए हैं। इस पर पार्षद ने पूछा कि मेरे वार्ड में कितने ट्यूबवेल हैं।
करोड़ में प्रस्तावित व्यय
विभाग रुपये करोड़ में
सड़क एवं पुल 70
पंचायती राज 64.19
रोजगार कार्यक्रम 39.37
नगरीय पेयजल 26.98
ग्रामीण आवास 23.49
ग्रामीण स्वच्छता 22.68
एलोपैथी 21.54
समाज कल्याण 17.71
ग्राम्य विकास 17.70
दिव्यांग कल्याण 13.67
पिछड़ा वर्ग कल्याण 11.61
महिला कल्याण 10.52