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धर्म के आधार पर नहीं बन सकती विदेश नीति
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वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के राजनीतिशास्त्र विभाग में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत की पड़ोस नीति और उसकी चुनौतियों पर चर्चा की गई। बतौर मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर साउथ एशियन स्टडी नई दिल्ली के चेयरमैन प्रो. संजय भारद्वाज ने कहा कि धर्म के आधार पर कभी भी पड़ोसी देश के साथ नीतियां नहीं बनाई जा सकती हैं।
भारत की पड़ोस नीति, गतिशीलता, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषयक संगोष्ठी में प्रो. भारद्वाज ने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों ने कभी भी यहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहमति नहीं जताई। पड़ोसी देश अब भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देखने लगे हैं, क्योंकि हाल के दिनों में कई ऐसे मौके आए हैं जब भारत ने बिना किसी भेदभाव के पड़ोसियों को संकटकाल में मदद को हाथ आगे बढ़ाया है।
विदेश नीति के जानकार प्रो. मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ ऐसे रिश्ते बनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने की। इस दौरान समत एस पटनायक, प्रियंका सिंह, डॉ. शिव बहादुर सिंह, डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा, डॉ. मधु सिसौदिया, डॉ. राकेश कुमार द्विवेदी, डॉ. समीर पाठक, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अरविंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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भारत की पड़ोस नीति, गतिशीलता, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषयक संगोष्ठी में प्रो. भारद्वाज ने कहा कि भारत के पड़ोसी देशों ने कभी भी यहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहमति नहीं जताई। पड़ोसी देश अब भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देखने लगे हैं, क्योंकि हाल के दिनों में कई ऐसे मौके आए हैं जब भारत ने बिना किसी भेदभाव के पड़ोसियों को संकटकाल में मदद को हाथ आगे बढ़ाया है।
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विदेश नीति के जानकार प्रो. मधुरेंद्र कुमार ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ ऐसे रिश्ते बनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने की। इस दौरान समत एस पटनायक, प्रियंका सिंह, डॉ. शिव बहादुर सिंह, डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा, डॉ. मधु सिसौदिया, डॉ. राकेश कुमार द्विवेदी, डॉ. समीर पाठक, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अरविंद वर्मा आदि मौजूद रहे।
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