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मां बागेश्वरी और विशालाक्षी के दर्शन को उमड़ा रेला
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वाराणसी। नवरात्र के पांचवें दिन जैतपुरा स्थित माता बागेश्वरी देवी और काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप विशालाक्षी देवी के दर्शन को श्रद्धालुओं का अटूट तांता लगा। बुधवार की भोर से श्रद्धालुओं के आनेजाने जो सिलसिला शुरू हुआ वह देर रात तक जारी रहा। कमोवेश यही हाल शहर के अन्य देवी मंदिरों में भी रहा। नारियल, चुनरी लेकर कतारबद्ध श्रद्धालुओं ने मां के जमकर जयकारे लगाए और अपने घर-परिवार की सुख-सम्वृद्धि की कामना की।
वासंतिक नवरात्र के पांचवें दिन स्कंद माता का दर्शन पूजन किया जाता है। काशी में यह मंदिर जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी के नाम से है। वहीं काशी की परंपरा के अनुसार गौरी के पांचवें स्वरूप में काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप स्थित विशालाक्षी देवी के मंदिर में दर्शन-पूजन करने का विधान है। इसलिए बुधवार को भोर में 4 बजे दोनों मंदिरों का पट खोल दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं का तांता लग गया। वहीं शहर के अन्य छोटे-बड़े मंदिरों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने दर्शन-पूजन किया।
शनिवार को होगा अष्टमी और नवमी का व्रत
चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी मनाई जाती है। मध्याह्न व्यापिनी नवमी में रामनवमी व्रत किया जाता है। इस वर्ष अष्टमी शनिवार 13 अप्रैल को दिन में 8 बजकर 16 मिनट तक ही है। उसके बाद नवमी लग रही है जो मध्याह्न काल में है और दूसरे दिन रविवार को नवमी प्रात: 6 बजे तक ही है। जबकि सोमवार को एकादशी व्रत भी है। इस कारण से महाष्टमी और रामनवमी दोनों व्रत शनिवार को ही रखा जाएगा और पारण 14 अप्रैल को प्रात: 6 बजे के बाद होगा।
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वासंतिक नवरात्र के पांचवें दिन स्कंद माता का दर्शन पूजन किया जाता है। काशी में यह मंदिर जैतपुरा स्थित मां बागेश्वरी के नाम से है। वहीं काशी की परंपरा के अनुसार गौरी के पांचवें स्वरूप में काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप स्थित विशालाक्षी देवी के मंदिर में दर्शन-पूजन करने का विधान है। इसलिए बुधवार को भोर में 4 बजे दोनों मंदिरों का पट खोल दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं का तांता लग गया। वहीं शहर के अन्य छोटे-बड़े मंदिरों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने दर्शन-पूजन किया।
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शनिवार को होगा अष्टमी और नवमी का व्रत
चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी मनाई जाती है। मध्याह्न व्यापिनी नवमी में रामनवमी व्रत किया जाता है। इस वर्ष अष्टमी शनिवार 13 अप्रैल को दिन में 8 बजकर 16 मिनट तक ही है। उसके बाद नवमी लग रही है जो मध्याह्न काल में है और दूसरे दिन रविवार को नवमी प्रात: 6 बजे तक ही है। जबकि सोमवार को एकादशी व्रत भी है। इस कारण से महाष्टमी और रामनवमी दोनों व्रत शनिवार को ही रखा जाएगा और पारण 14 अप्रैल को प्रात: 6 बजे के बाद होगा।
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